ताइज़ में घेराबंदी से गहराया मानवीय संकट, यमन सरकार ने दी चेतावनी

ताइज़, यमन: यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने दक्षिण-पश्चिमी शहर ताइज़ में आसन्न स्वास्थ्य और मानवीय संकट को लेकर तत्काल चेतावनी जारी की है। 11 अक्टूबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, ताइज़ में मानवीय संकट लगातार गहराता दिख रहा है और सरकार ने इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।
सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक़ संघर्ष तेज़ होने के बीच हूती बलों ने शहर के दक्षिण की ओर के इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया है। इससे ताइज़ तक पहुँचने वाले मुख्य रास्ते लगभग कट गए हैं। आवाजाही पर लगी इस रोक ने 2015-2016 की घेराबंदी की याद ताज़ा कर दी है। नतीजा यह है कि शहर में ज़रूरी भोजन, ईंधन और दवाओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के अनुसार, ताइज़ के लगभग 3 लाख 50 हज़ार निवासियों तक मानवीय सहायता पहुँचना गंभीर रूप से बाधित हो गया है। पिछले दो हफ्तों में गेहूं के आटे के दामों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आम परिवारों के लिए यह सीधा बोझ है, जो पहले से ही सीमित संसाधनों में गुज़ारा कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ता दबाव
ताइज़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही कमज़ोर थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहले बताया था कि इस बढ़ते संकट से पहले भी शहर की केवल 60 प्रतिशत स्वास्थ्य सुविधाएं ही काम कर रही थीं। अब दवाओं और चिकित्सा सामग्री के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों की भी भारी कमी हो गई है। इससे हैजा, खसरा और डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका गहरा गई है।
ताइज़ के स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र से औपचारिक अपील की है। उसने मांग की है कि इलाज के लिए ज़रूरी नागरिकों के लिए सुरक्षित गलियारे तुरंत बनाए जाएं और मानवीय सहायता की सुनिश्चित आपूर्ति हो। प्रशासन का कहना है कि जब तक रास्ते नहीं खुलते, गंभीर मरीज़ों की जान पर सबसे बड़ा खतरा बना रहेगा।
यह स्थिति यमन में फैली बड़ी अस्थिरता का हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ अगस्त से अब तक यमन में 2 लाख से ज़्यादा लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं। इसी बीच किंग सलमान मानवीय सहायता और राहत केंद्र (KSrelief) ताइज़ और उसके आसपास के इलाकों से भागने को मजबूर लोगों के बीच स्वच्छता किट वितरित कर रहा है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ताइज़ तक सुरक्षित रास्ते खुलेंगे और ज़रूरी सामान समय पर पहुँच पाएगा।