ताइज़ में मानवीय संकट गहराया, हूती घेराबंदी से ज़रूरी सामान और इलाज चरमराया

Nura Basta13 October 20262 min read0 viewsYemen
ताइज़ में मानवीय संकट गहराया, हूती घेराबंदी से ज़रूरी सामान और इलाज चरमराया

ताइज़ (यमन): यमन के ताइज़ प्रांत में फिर से लड़ाई तेज़ होने और हूती बलों की घेराबंदी सख़्त होने से मानवीय संकट और गहरा गया है। अल जज़ीरा की संवाददाता हादील अल-यमानी की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार 11 अक्टूबर तक हूती बलों ने ताइज़ को सरकारी इलाकों से जोड़ने वाले आख़िरी रास्ते पर भी नियंत्रण मज़बूत कर लिया। इससे शहर के चारों निकास बंद हो गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के अनुसार अगस्त 2026 से शुरू हुई लड़ाई में देश भर में 2 लाख 16 हज़ार से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। इनमें से 1 लाख 72 हज़ार से अधिक अकेले ताइज़ से हैं। संगठन का कहना है कि हाल की लड़ाई से विस्थापित हुए कुल लोगों में से 57 प्रतिशत ताइज़ प्रांत के हैं।

यमनी नेटवर्क फॉर राइट्स एंड फ्रीडम ने बीते 24 घंटों में नागरिकों के खिलाफ 43 उल्लंघन दर्ज होने की जानकारी दी है। इनमें अंधाधुंध गोलाबारी और घरों, मस्जिदों तथा स्वास्थ्य ढांचे पर हमले शामिल हैं। आपूर्ति लाइनें कटने से बाज़ार की हालत भी तेज़ी से बिगड़ी है।

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ईंधन की कीमतें तीन गुना हो गई हैं। ब्लैक मार्केट में 20 लीटर के एक डिब्बे पेट्रोल का दाम 30,000 यमनी रियाल से बढ़कर 90,000 यमनी रियाल हो गया है। दो हफ़्तों में गेहूं के आटे के दाम 10 प्रतिशत बढ़े हैं, और व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि मौजूदा स्टॉक दो महीने में ख़त्म हो सकता है। पीने के पानी का दाम भी प्रति लीटर 4 डॉलर तक पहुंच गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप होने की कगार पर हैं। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के पश्चिमी तट और ताइज़ समन्वयक सईद सैफ ने बताया कि ताइज़ शहर में UNFPA द्वारा समर्थित आठ स्वास्थ्य केंद्रों में से सिर्फ़ दो चालू हैं। यमन के सार्वजनिक स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय ने, जिसका मुख्यालय अदन में है, चेतावनी दी है कि ईंधन की कमी से जेनरेटर, एंबुलेंस और पानी के पंप प्रभावित हो रहे हैं। इससे नवजात, डायलिसिस और सर्जरी जैसी जीवन रक्षक सेवाओं पर ख़तरा है।

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के मुताबिक लड़ाई के कारण लगभग 3 लाख 50 हज़ार निवासियों तक मदद नहीं पहुंच पा रही है। संगठन का अनुमान है कि पहुंच वाले इलाकों में 74 प्रतिशत परिवार अभी अपनी बुनियादी पोषण ज़रूरतें पूरी नहीं कर पा रहे हैं। सरकारी बल हूती बढ़त रोकने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें सऊदी अगुवाई वाले गठबंधन के हवाई हमलों का समर्थन मिल रहा है, लेकिन हालात अब भी गंभीर हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने, नागरिकों की सुरक्षा करने और खाना, दवा और ईंधन की बिना रोक-टोक पहुंच बहाल करने की अपील की है। यमन के मानवाधिकार मंत्रालय ने भी इन अपीलों का समर्थन करते हुए बड़ी तबाही टालने के लिए तुरंत अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।

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