तइज़ के बाजारों में हाहाकार: आपूर्ति मार्ग बंद होने से बढ़ी महंगाई और सामान की किल्लत

यमन के दक्षिण-पश्चिमी शहर तइज़ में हालात बेहद नाजुक हो गए हैं। शहर की घेराबंदी और बढ़ती लड़ाई ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मुख्य आपूर्ति मार्ग, जो तइज़ को अंतरिम सरकार की राजधानी अदन से जोड़ता है, अब पूरी तरह बंद हो चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, हूती बलों ने इस रास्ते के महत्वपूर्ण हिस्सों पर कब्जा कर लिया है, जिससे शहर में जरूरी सामान की आवक लगभग ठप पड़ गई है।
इस रुकावट के कारण व्यापारियों को अब बेहद महंगे और लंबे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ा है। शहर के बाजारों में रौनक कम हो गई है और कई खाद्य दुकानों ने अपने शटर गिरा दिए हैं। आटा, चावल और कुकिंग ऑयल जैसी बुनियादी चीजों की भारी कमी देखी जा रही है। पिछले दो हफ्तों में ही आटे की कीमतों में 10 प्रतिशत का उछाल आया है, जिससे गरीब परिवार दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं।
ईंधन की किल्लत और जनता की परेशानी
सिर्फ खाने-पीने की चीजें ही नहीं, बल्कि ईंधन और गैस की भी भारी कमी हो गई है। स्थानीय सर्विस स्टेशनों पर लंबी कतारें लगी हैं, लेकिन तेल मिलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी जैसे एसाम मोहम्मद, उम रियां, खालिद मोहम्मद और दिया अल-अर्शी ने मौजूदा स्थिति को 'विनाशकारी' बताया है। लोगों में डर है कि इस संकट के बीच कुछ व्यापारी मुनाफाखोरी कर रहे हैं।
तइज़ गवर्नरशिप में उद्योग और व्यापार मंत्रालय की शाखा के महानिदेशक अब्दुलरहमन अल-कुलाईह ने जनता से अपील की है कि वे घबराहट में आकर सामान की जमाखोरी न करें। उन्होंने नागरिकों से केवल उतनी ही खरीदारी करने का आग्रह किया है जितनी तत्काल आवश्यकता हो, ताकि उपलब्ध स्टॉक का सही वितरण हो सके।
यह संकट यमन की व्यापक मानवीय त्रासदी का हिस्सा है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यमन की लगभग तीन-चौथाई आबादी अपनी बुनियादी खाद्य जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। तइज़ के व्यापारी अपनी ओर से कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन परिवहन लागत और अस्थिर आपूर्ति ने उनके बिजनेस को लगभग ठप कर दिया है।