तइज़ में सरकारी सेना और हूती मिलिशिया के बीच भीषण झड़प, कई लड़ाके ढेर
यमन के तइज़ में 'फज्र यमन' अभियान के तहत भीषण लड़ाई जारी है। सरकारी सेना ने हूती लड़ाकों को भारी नुकसान पहुँचाया है।

तइज़ (यमन): यमन के तइज़ स्थित अल-मसरख निदेशालय के अल-अ'रौद फ्रंट पर सरकारी सेना और हूती मिलिशिया के बीच भीषण सैन्य संघर्ष छिड़ गया है। यह लड़ाई 'फज्र यमन' नाम के बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच भारी गोलाबारी हो रही है।
तइज़ मिलिट्री एक्सिस के मुताबिक, अल-मसरख, अल-शाकब और अल-अ'रौद के दक्षिणी मोर्चों पर हुई सीधी झड़पों और ड्रोन हमलों में 26 हूती लड़ाके मारे गए या घायल हुए हैं। सरकारी सेना ने रणनीतिक बढ़त बनाते हुए अल-अ'रौद फ्रंट पर हूतियों के एक जैमिंग सेंटर को निशाना बनाया और आर्टिलरी की मदद से एक टैंक को तबाह कर दिया।
सैन्य कार्रवाई के दौरान सरकारी सेना ने हयफान निदेशालय में भी अपनी पकड़ मजबूत की है। सेना ने जबल अल-कर्ब, अल-मफालिस, अल-हर्ज़ और अकील पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया है। इसके साथ ही तइज़ और लहज को जोड़ने वाली हैगत अल-अब्द सड़क पर हूती कुमुक को हवाई हमलों के जरिए निशाना बनाया गया।
इस हिंसा के बीच आम नागरिक भी इसकी चपेट में आए हैं। हयफान में हूती गोलाबारी के कारण एक नागरिक और एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि अल-अ'रौद में एक अन्य नागरिक स्नाइपर की गोली से घायल हो गया।
यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नज़िली ने बताया कि 30 अक्टूबर से पहले के 24 घंटों में 'फज्र यमन' ऑपरेशन के तहत 1,087 हमले किए गए। इस कार्रवाई में 336 हूती नेताओं और लड़ाकों को खत्म किया गया और 112 वाहनों को नष्ट किया गया।
दूसरी ओर, हूती प्रवक्ता याह्या सारे ने दावा किया है कि उन्होंने अल-दबाब और अल-जबल अल-अस्वद मोर्चों से सरकारी सेना को खदेड़ दिया है। इसी बीच सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मदीना क्षेत्र को निशाना बनाने वाले हूती ड्रोन को सफलतापूर्वक रोकने की पुष्टि की है।
क्षेत्र में तनाव के बीच यमन सशस्त्र बल उन रिपोर्टों की जांच कर रहे हैं जिनमें हूती सेना द्वारा जहरीले पदार्थों के इस्तेमाल का संदेह जताया गया है। बताया गया है कि इन पदार्थों के कारण आम नागरिकों और पॉपुलर रेजिस्टेंस के सदस्यों में दम घुटने और बेहोशी जैसे लक्षण देखे गए हैं।