यमन के तइज़ में हूतियों की तीन हफ्ते की घेराबंदी से 8 लाख लोग फंसे, UN ने दी बड़े मानवीय संकट की चेतावनी

यमन के तइज़ में हूतियों की तीन हफ्ते की घेराबंदी से 8 लाख लोग फंसे हैं। UN ने भोजन और दवाओं की कमी पर चेतावनी जारी की है।

Nura Basta24 October 20262 min read0 viewsYemen
यमन के तइज़ में हूतियों की तीन हफ्ते की घेराबंदी से 8 लाख लोग फंसे, UN ने दी बड़े मानवीय संकट की चेतावनी

तइज़ (यमन): यमन के तइज़ शहर में हूती बलों की करीब तीन हफ्ते से जारी घेराबंदी के कारण वहां हालात बेहद खराब हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि इस घेराबंदी की वजह से 8 लाख से ज्यादा निवासी जीवन रक्षक सहायता से पूरी तरह कट चुके हैं। 23 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, शहर में प्रवेश के रास्ते बंद हुए 20 दिन बीत चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के प्रवक्ता जेन्स लेर्के ने बताया कि लड़ाई के कारण मानवीय रसद का शहर में पहुंचना और नागरिकों का बाहर निकलना नामुमकिन हो गया है। उन्होंने कहा कि ईंधन, भोजन और अन्य जरूरी सामान शहर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं और समय तेजी से निकला जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने 20 अक्टूबर को अपील करते हुए कहा कि हूतियों द्वारा आपूर्ति मार्गों को बंद करने से आम नागरिक गंभीर खतरे में हैं। उन्होंने सभी पक्षों से सुरक्षित रास्ता बनाने का आग्रह किया है। तइज़ में फंसे 8 लाख लोगों में से करीब 6 लाख लोग मानवीय सहायता पर निर्भर हैं, जिनमें 2 लाख महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

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यूनिसेफ ने कुपोषण के खतरे पर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, तइज़ में 52 हजार से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित हैं, जिनमें से 11,500 से अधिक की स्थिति बेहद नाजुक है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि शहर के 42 स्वास्थ्य केंद्रों में ईंधन, ऑक्सीजन और आपातकालीन दवाओं की भारी कमी हो गई है।

अपुन की अधिकांश सहायता अभी भी अदन में रुकी हुई है, हालांकि अल-थौरा अस्पताल तक कुछ सामान पहुंचा है। ऑक्सफैम के कार्यकर्ताओं ने स्थिति को नियंत्रण से बाहर बताया है। घेराबंदी की वजह से पानी का उत्पादन 50 प्रतिशत गिर गया है और टैंकरों से आने वाले पानी की कीमत तीन गुना बढ़ गई है। शहर में कुकिंग गैस की भारी किल्लत है और चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं।

हिंसा के कारण 1 अगस्त से 19 अक्टूबर के बीच तइज़ गवर्नर इलाके में 32 नागरिक मारे गए और 115 घायल हुए। 20 अक्टूबर को एक रिहायशी इलाके पर हूती हमले में दो किशोर लड़कियां भी जान गंवा बैठीं। विस्थापन की समस्या भी गंभीर है, जहां 7 जून से 19 अक्टूबर 2026 के बीच 2,58,679 लोग विस्थापित हुए हैं।

यूरोपीय आयोग ने 23 अक्टूबर को यमन के लिए 22.5 मिलियन यूरो (25.2 मिलियन डॉलर) की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है। इस साल पहले भी 87.5 मिलियन यूरो दिए जा चुके हैं। हालांकि, 2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र के मानवीय राहत कार्यक्रम के लिए दाताओं ने अब तक केवल 23 प्रतिशत राशि ही जुटाई है।

सैन्य मोर्चे पर तनाव बरकरार है। यमनी सरकारी बलों ने दावा किया है कि पुराने हवाई अड्डे के पास भारी लड़ाई के दौरान पिछले 24 घंटों में 620 हूती लड़ाकों को खत्म किया गया और उनके 190 वाहनों को नष्ट कर दिया गया।

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