यमन के तइज़ में पुराने एयरपोर्ट और माउंट हान पर सरकारी सेना और हूतियों के बीच हिंसक झड़पें शुरू, कई लोग मारे गए

तइज़ (यमन): यमन के तइज़ शहर में पुराने एयरपोर्ट और माउंट हान मोर्चों पर 17 अक्टूबर 2026 को सरकारी सेना और हूती लड़ाकों के बीच फिर से हिंसक झड़पें शुरू हो गई हैं। दोनों पक्ष इन रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा करने के लिए आपस में भिड़ गए हैं, क्योंकि यहीं से तइज़ को दक्षिण के लहज और अदन क्षेत्रों से जोड़ने वाले मुख्य सप्लाई रूट नियंत्रित होते हैं।
पिछले 48 घंटों में सरकारी सेना ने हूतियों के हमलों को नाकाम करने का दावा किया है। इस दौरान सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने माउंट हान, अल-सालेह गार्डन्स और वादी अल-धबाब के पास हूतियों के वाहनों और सैन्य जमावड़े को निशाना बनाकर हवाई हमले किए।
लड़ाई में आर्टिलरी, रॉकेट और भारी हथियारों का जमकर इस्तेमाल हुआ। सरकारी बलों ने बताया कि उन्होंने कई पोजिशन वापस हासिल कर ली हैं, जिसके बाद हूतियों को पीछे हटना पड़ा।
इस हिंसा में आम लोगों को भारी नुकसान हुआ है। आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की कि 17 अक्टूबर को हूतियों की अंधाधुंध गोलाबारी में तीन नागरिकों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 48 घंटों की इस जंग में बड़ी संख्या में हूती लड़ाके मारे गए हैं।
अक्टूबर की शुरुआत से ही हूती मिलिशिया ने तइज़ की घेराबंदी तेज कर दी है। उन्होंने मुख्य सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे आम लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लग गई है।
इस घेराबंदी की वजह से मानवीय संकट गहरा गया है। सहायता संगठनों ने चेतावनी दी है कि ईंधन, दवा और भोजन की भारी कमी हो गई है और बुनियादी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं।
तइज़ में इस समय 1 लाख 14 हजार 700 से ज्यादा विस्थापित लोग रह रहे हैं, जिससे स्थानीय सेवाओं और स्वास्थ्य केंद्रों पर दबाव बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ सहित अंतरराष्ट्रीय निकायों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।