नेपाल बाढ़ से बचे 21 तमिलनाडु के तीर्थयात्री चेन्नई पहुँचे, सुरक्षित वापसी पर परिजनों ने ली राहत की सांस.

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भारी तबाही के बाद वहाँ फंसे 21 तमिलनाडु के तीर्थयात्री सुरक्षित अपने घर चेन्नई लौट आए हैं। यह सभी लोग 29 अगस्त 2026 को चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरे, जहाँ उनके परिवार वालों और स्थानीय प्रशासन ने चैन की सांस ली। नेपाल के रसुवा जिले के भोटे कोशी नदी इलाके में 26 अगस्त 2026 को अचानक भीषण बाढ़ आ गई थी, जिससे ये सभी लोग वहां फंस गए थे। इस संकट की घड़ी में भारत सरकार और तमिलनाडु राज्य सरकार ने मिलकर तेजी से बचाव अभियान चलाया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हुई मुलाकात
चेन्नई आने से पहले यह सभी तीर्थयात्री 28 अगस्त 2026 को नई दिल्ली पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने केंद्रीय विदेश मंत्री S. Jaishankar से मुलाकात की। इस दौरान विदेश मंत्री ने नेपाल सेना और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास का धन्यवाद किया जिन्होंने इस मुश्किल बचाव कार्य में पूरी मदद की। मुलाकात में मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि सरकार का पूरा ध्यान अभी भी उस क्षेत्र में फंसे लगभग 315 भारतीयों को खोजने पर है जिनसे अभी संपर्क नहीं हो पाया है। नेपाल में आई इस बड़ी प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 538 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और करीब 977 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
राज्य सरकार ने संभाली कमान
तमिलनाडु के राज्य मंत्री KA Sengottaiyan ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay खुद इस पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी फंसे हुए नागरिकों को तुरंत ढूंढने और सुरक्षित वापस लाने के कड़े आदेश दिए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने चार मंत्रियों—Aadhav Arjuna, A. Rajmohan, R. Vinoth और Thangam Thennarasu को नई दिल्ली भेजा था ताकि वे केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर राहत कार्यों का तालमेल बिठा सकें। इसके अलावा, राज्य सरकार की तरफ से हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किए गए थे जिन पर मदद के लिए अब तक 937 कॉल्स आ चुकी हैं। संकट से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना ने भी नेपाल को 47.5 टन राहत सामग्री पहुंचाई है। आप इस पूरी घटना की अधिक जानकारी ANI News पर देख सकते हैं।