ओमान के पास टैंकर पर हमला, 11 भारतीय नाविक घायल; सऊदी एयरपोर्ट्स पर हूतियों की स्ट्राइक

ओमान के तट पर स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बड़ा हादसा हुआ है, जहाँ एक प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट) ने पनामा ध्वज वाले टैंकर 'MT On Peace' को निशाना बनाया। इस हमले में जहाज पर सवार नाविकों को गंभीर चोटें आई हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद 19 क्रू मेंबर्स में से 17 भारतीय थे। इस हमले में कुल 12 नाविक घायल हुए हैं, जिनमें 11 भारतीय नागरिक शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए मुसन्दम के खसब शहर में ले जाया गया है।
भारत सरकार ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। गौरतलब है कि पिछले एक हफ्ते में इस क्षेत्र में करीब 12 टैंकर हमलों की खबरें आ चुकी हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है। अस्थिरता के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर लगभग 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर ड्रोन और मिसाइल हमले
एक तरफ जहाँ समुद्र में तनाव है, वहीं जमीन पर भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के मुताबिक, सोमवार शाम को जाज़ान के किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नजरान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए। इन हमलों में तीन लोग मामूली रूप से घायल हुए और दोनों हवाई अड्डों की इमारतों को काफी नुकसान पहुँचा है।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। हूती प्रवक्ता याहया सारे ने दावा किया कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, राबिघ स्थित अरामको रिफाइनरी, अभा एयरपोर्ट, खमीस मुशायत सैन्य बेस और नजरान व जाज़ान के इलाकों को निशाना बनाया है। हूतियों का कहना है कि यह कार्रवाई यमन में सऊदी अरब द्वारा पिछले दिन किए गए करीब 60 हवाई हमलों का बदला है।
इस बीच, यमन में सऊदी समर्थित सरकार ने गठबंधन जेट्स की मदद से मोखा पोर्ट और उसके आसपास के इलाकों पर कब्जा कर लिया है। तनाव को देखते हुए सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने अगस्त मक्का समझौते के तहत आपसी रक्षा उपायों को सक्रिय कर दिया है, जिसमें तुर्की और पाकिस्तानी सेना सहायता प्रदान कर रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस्लामाबाद से अपील की है कि सभी पक्ष कूटनीति का रास्ता अपनाएं और समुद्री नेविगेशन अधिकारों को बहाल करें। वहीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेवेन और जीसीसी महासचिव जासेम अल-बुदईवी ने इन घटनाओं को क्षेत्र के लिए अस्थिर करने वाला बताया है।