Strait of Hormuz में तीन तेल टैंकरों पर हमला, गहराया क्षेत्रीय संकट

Gautam Sahu1 October 20262 min read0 viewsWorld
Strait of Hormuz में तीन तेल टैंकरों पर हमला, गहराया क्षेत्रीय संकट

Strait of Hormuz में चल रहे गंभीर संकट के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। मंगलवार, 30 सितंबर 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन लाइबेरियाई ध्वज वाले तेल टैंकरों पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल्स (मिसाइलों) से हमला किया गया। शिपिंग इंटेलिजेंस फर्म मैरिस्क के अनुसार, जिस समय यह हमला हुआ, सभी जहाज अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) ट्रांसपोंडर बंद करके चल रहे थे।

ADNOC और अन्य कंपनियों के जहाजों को निशाना बनाया गया

इस हमले में शामिल जहाजों में अबू धाबी की राष्ट्रीय तेल कंपनी, ADNOC लॉजिस्टिक्स एंड सर्विसेज द्वारा प्रबंधित दो प्रमुख तेल उत्पाद टैंकर शामिल हैं। इनमें Al Ruwais और बहुत बड़े कच्चे तेल के वाहक (VLCC) Mersin Prosperity शामिल हैं। Kpler के आंकड़ों के अनुसार, Al Ruwais को हाल ही में ओमान के सोहार के पास डीजल ट्रांसफर करते देखा गया था, जबकि Mersin Prosperity ने सितंबर के मध्य में इराक के बसरा से कच्चे तेल का परिवहन किया था।

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तीसरा प्रभावित जहाज Sinbad है, जो एक अफ्रामैक्स टैंकर है और इसे एंग्लो-ईस्टर्न टैंकर मैनेजमेंट द्वारा प्रबंधित किया जाता है। इस हमले के संबंध में अभी तक किसी भी सरकार या समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है, और न ही किसी हताहत होने की सार्वजनिक सूचना मिली है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापार पर पड़ा भारी असर

इस क्षेत्र में जारी तनाव के कारण समुद्री व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 1 अक्टूबर 2026 तक, यह संकट 216 दिनों से जारी है। वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक यातायात सामान्य स्तर के मात्र 5 प्रतिशत पर सिमट गया है। जहाँ पहले औसतन प्रतिदिन लगभग 85 जहाज इस मार्ग से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर मात्र 4-5 रह गई है।

क्षेत्र के प्रमुख बंदरगाहों की स्थिति भी चिंताजनक है:

  • Mina al Ahmadi (Kuwait): शून्य प्रतिशत गतिविधि
  • Jebel Ali: केवल 18 प्रतिशत गतिविधि
  • Ras Laffan: केवल 29 प्रतिशत गतिविधि
  • Ras Tanura: 58 प्रतिशत गतिविधि

बढ़ती भू-राजनीतिक उथल-पुथल और कूटनीति

क्षेत्रीय तनाव केवल समुद्र तक ही सीमित नहीं है। यमन में भी संघर्ष तेज हो गया है, जहाँ सऊदी समर्थित यमन सरकार ने हूतियों के बड़े हमले को विफल कर दिया है। वहीं, कूटनीतिक स्तर पर प्रयास जारी हैं, जिसमें कतर की मध्यस्थता में न्यूयॉर्क में बातचीत चल रही है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण व्यापारिक जोखिम बढ़ गया है, जिससे QatarEnergy ने अपनी LNG फोर्स मेज्योर (Force Majeure) की समयसीमा दिसंबर तक बढ़ा दी है।

इस बीच, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से ही यह संकट फरवरी 2026 से लगातार बना हुआ है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री मार्ग पर खतरा बढ़ गया है।

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