राजस्थान में भारत का सबसे बड़ा युद्ध अभ्यास, अमेरिकी F-35 और यूएई के F-16 विमान लेंगे हिस्सा

Sushma Kumari21 September 20262 min read14 viewsIndia
राजस्थान में भारत का सबसे बड़ा युद्ध अभ्यास, अमेरिकी F-35 और यूएई के F-16 विमान लेंगे हिस्सा

भारतीय वायु सेना अपने दूसरे बड़े अंतरराष्ट्रीय युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति' का आयोजन करने जा रही है। यह आयोजन राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर किया जाएगा, जिसमें दुनिया भर के 40 से अधिक देश शामिल होंगे। इस बड़े रक्षा आयोजन को लेकर वायु सेना ने आधिकारिक जानकारी साझा की है और यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस युद्धाभ्यास में कई ताकतवर देश अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करेंगे और आपसी सहयोग को मजबूत करेंगे।

युद्धाभ्यास में शामिल होंगे दुनिया के आधुनिक लड़ाकू विमान

इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में अमेरिका अपने अत्याधुनिक F-35 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को पहली बार इस अभ्यास में उतारेगा। इसके अलावा, फ्रांस अपने राफेल विमानों के साथ इस अभ्यास का हिस्सा बनेगा और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE अपने F-16 फाइटर जेट्स को इस रणक्षेत्र में उतारेगा। भारत और खाड़ी देशों के बीच इस तरह के सैन्य सहयोग से क्षेत्र में सुरक्षा और आपसी तालमेल और अधिक बेहतर होगा, जिसका फायदा खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले प्रवासियों को भी सुरक्षा के रूप में मिलेगा।

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भारतीय वायु सेना की पूरी ताकत आएगी नजर

इस अभ्यास के दौरान भारतीय वायु सेना अपने सभी प्रमुख विमानों को मैदान में उतारेगी। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज 2000 और तेजस जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट विमान, हेलीकॉप्टर, हवा में ईंधन भरने वाले विमान और अवाक्स यानी एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम भी अपनी क्षमता दिखाएंगे। इस आयोजन के चलते पश्चिमी राजस्थान के ऊपर वायु सीमा को नियंत्रित करने के लिए नोटिस जारी किया गया है, जो 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक लागू रहेगा और इसमें 40,000 फीट तक की ऊंचाई के लिए कुछ पाबंदियां तय की गई हैं।

कई देशों के अधिकारी बनेंगे इस बड़े इवेंट का हिस्सा

जापान के साथ हुए 'वीर गार्डियन 2026' युद्धाभ्यास के तुरंत बाद यह बड़ा आयोजन किया जा रहा है। जर्मनी, ग्रीस, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश और श्रीलंका सहित कुल नौ देश इस अभ्यास में अपनी वायु सेना के साथ सीधे तौर पर शामिल होंगे। इसके अलावा 30 से अधिक देश इसमें ऑब्जर्वर के रूप में भाग लेंगे ताकि रक्षा तकनीक और युद्ध कौशल को नजदीक से समझा जा सके। इस पूरी रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी आप ANI News पर देख सकते हैं।

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