तेहरान हमला: एक शख्स ने गंवाए परिवार के 12 सदस्य, हामेद ने सुनाई आपबीती
तेहरान में हुए हवाई हमले में हामेद मिर्ज़ई ने अपने परिवार के 12 सदस्यों को खो दिया। उन्होंने हमले की भयावह यादें साझा की हैं।

तेहरान: मार्च 2026 में तेहरान में हुए एक भीषण हवाई हमले में हामेद मिर्ज़ई ने अपने परिवार के 12 सदस्यों को खो दिया। हामेद ने इस हमले की रोंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती साझा की है, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे एक पल में उनका पूरा घर और परिवार तबाह हो गया।
हामेद मिर्ज़ई ने बताया कि 9 मार्च 2026 को जब वह अपने घर से करीब पांच मिनट की दूरी पर थे, तब उन्हें हवा में एक सीटी जैसी आवाज सुनाई दी। इसके तुरंत बाद पहली मिसाइल गिरी और फिर उसी रिहायशी इमारत पर पांच और मिसाइलें दागी गईं। जब वह घर पहुंचे, तो वहां सिर्फ मलबा बचा था।
इस हमले में उनकी 26 वर्षीय पत्नी मोहदेसेह, माता-पिता, दादा-दादी, चाचा और चाची के पति व उनकी बेटी की मौत हो गई। इसके अलावा उनके पिता के चचेरे भाई, उनकी पत्नी और बच्चे ने भी अपनी जान गंवाई।
एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, 1 मार्च से 13 मार्च 2026 के बीच तेहरान के घनी आबादी वाले इलाकों में भीषण हमले किए गए थे। यह घटना अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान के दौरान हुई। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इन हमलों की स्वतंत्र जांच की मांग की है और कहा है कि शहरी इलाकों में विस्फोटक हथियारों का इस्तेमाल युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स अगेंस्ट न्यूक्लियर आर्म्स (IALANA) ने 19 मार्च 2026 को कहा था कि ये सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन है। वहीं, नेशनल ईरानी अमेरिकन काउंसिल (NIAC) ने 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए हमलों की निंदा करते हुए इसे संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन बताया था।
इस संघर्ष पर राजनीतिक नेतृत्व बंटा हुआ नजर आया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इसे 'खतरनाक मोड़' बताया, जबकि संसदीय प्रमुख मोहम्मद बागर कालिबाफ ने इस संघर्ष को 'आर्थिक युद्ध' करार दिया। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य अभियानों का समर्थन किया। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका जल्द ही 'काम पूरा' कर सकता है, जबकि नेतन्याहू ने इन ऑपरेशन्स को अपना पूर्ण समर्थन दिया।