Tehran Airport Update: अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद तेहरान एयरपोर्ट जारी रख रहा है उड़ानें.

तेहरान के इमाम खुमतेनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद अपनी सेवाएं पूरी तरह से जारी रखने का बड़ा फैसला किया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने साफ कर दिया है कि तमाम मुश्किलों और पाबंदियों के बाद भी हवाई अड्डा सामान्य रूप से काम कर रहा है। अमेरिका की तरफ से कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी इस बात की पुष्टि 28 सितंबर 2026 को एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Ramin Kashef-Azar ने की। आम यात्रियों और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत भरी खबर है जो इन रूट्स पर सफर करते हैं।
कड़े प्रतिबंधों के बीच भी जारी है उड़ानों का संचालन
अधिकारियों के मुताबिक यह एयरपोर्ट अभी भी दुनिया भर के 30 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए अपनी सेवाएं दे रहा है। लोगों को यह डर था कि अमेरिकी प्रतिबंधों और जनरल लाइसेंस के खत्म होने के बाद ईरान की सभी एयरलाइंस को जमीन पर बैठना पड़ेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। अमेरिका की तरफ से 23 सितंबर को जब प्रतिबंध पूरी तरह से लागू हुए थे, तब भी इस एयरपोर्ट ने एक ही दिन में 60 से ज्यादा उड़ानों का सफल संचालन किया था। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए हर संभव कदम उठाने की बात कही है।
अधिकारियों की अपील और यात्रा से जुड़े निर्देश
एयरपोर्ट प्रमुख Ramin Kashef-Azar ने 26 सितंबर को बताया कि यूएई, इराक, जॉर्जिया और तुर्कमेनिस्तान के रास्तों को छोड़कर अभी तक कोई नई पाबंदी नहीं लगाई गई है। उन्होंने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे सफर करने से पहले केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से ही सही जानकारी प्राप्त करें। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हाल ही में 8 सितंबर को Operation Economic Outcast की घोषणा की थी जिसमें कई एयरलाइंस और संस्थाओं पर शिकंजा कसा गया था। इसके अलावा अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी थी कि जो भी कंपनी ईरानी विमानों को ईंधन, लैंडिंग या टिकट की सुविधा देगी, उसे भी अमेरिका के दूसरे दर्जे के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
क्षेत्रीय राजनीति और उड़ानों का असर
ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन के प्रमुख Abouzar Shiroudi ने 12 सितंबर को अमेरिका के इन कदमों की कड़ी आलोचना की थी और इसे पुरानी नाकाम नीतियों का दोहराव बताया था। इसके साथ ही ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार Mohammad Mokhber ने 25 सितंबर को चेतावनी दी थी कि अगर ईरान को उड़ान भरने से रोका गया तो क्षेत्रीय देशों को भी इसका असर झेलना पड़ सकता है। वर्तमान में इराक, यूएई और ओमान से जुड़े कुछ प्रतिबंधों के बावजूद तुर्की, चीन, मलेशिया, वियतनाम, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, आर्मेनिया और रूस के लिए उड़ानें पहले की तरह जारी हैं। इराक की सरकार भी मानवीय और जरूरी नागरिक यात्राओं के लिए अमेरिका से विशेष छूट हासिल करने की कोशिश में लगी हुई है।