Tehran में सरकार समर्थक बड़ी रैली, ईरान में 3 लाख से ज्यादा लोग सड़क पर उतरे

Praggya Singh sabal18 September 20262 min read78 viewsWorld
Tehran में सरकार समर्थक बड़ी रैली, ईरान में 3 लाख से ज्यादा लोग सड़क पर उतरे

तेहरान में 18 सितंबर 2026 को अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे तनाव के बीच एक बहुत बड़ी सरकारी रैली का आयोजन किया गया। सरकारी प्रसारकों के अनुमान के मुताबिक इस प्रदर्शन में 300,000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया और यह सरकार के समर्थन में लगातार 200वीं रात थी। इस कार्यक्रम में देश की एकता दिखाने की कोशिश की गई क्योंकि अमेरिका के प्रतिबंधों और नौसेना की नाकाबंदी का सामना करने के लिए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन लगातार देशवासियों से एक साथ खड़े होने की अपील कर रहे हैं।

सैन्य प्रदर्शन और ट्रेनिंग की तैयारी

इस आयोजन के दौरान तेहरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC के प्रमुख जनरल हसन हसनजादेह ने बताया कि 'जानफदाय-ए ईरान' यानी 'सैक्रिफाइस फॉर ईरान' अभियान के तहत 600,000 से ज्यादा लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा एक मिलियन यानी दस लाख से ज्यादा लोगों को सैन्य ट्रेनिंग दिए जाने की उम्मीद है। रैली में शामिल लोग कॉम्बैट यूनिफॉर्म पहनकर सड़कों पर उतरे और उन्होंने ड्रोन तथा एंटी-एircraft बैटरी जैसे सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया। महिला IRGC सदस्यों को भी ट्रक पर लगी मशीन गन चलाते हुए देखा गया जबकि भीड़ ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ नारे लगाए और उनके राष्ट्रीय झंडों को पैरों तले रौंदा। बासिज वालंटियर फोर्स के नए प्रमुख हुसैन ताएब ने बताया कि यह अभियान नागरिकों को असॉल्ट राइफल की ट्रेनिंग लेने के लिए बढ़ावा देता है जिससे दुश्मनों के लिए एक बड़ा डर पैदा किया जा सके और वॉलंटियर्स को पूरी तरह से रक्षा करने के लिए तैयार किया जा सके।

अधिकारियों के खिलाफ घरेलू असंतोष

हालांकि इस रैली का मकसद राष्ट्रीय एकता दिखाना था लेकिन पिछले कुछ समय से ये रात की सभाएं आंतरिक राजनीतिक असंतोष का मंच भी बनती जा रही हैं। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद-बाघेर गालिबफ, विदेश मंत्री अब्बास अरागची और पूर्व राष्ट्रपतियों हसन रूहानी तथा मोहम्मद खातमी जैसे कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की है। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़ी नौर न्यूज एजेंसी ने घरेलू राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने वाले इस बदलाव को एक चिंताजनक विकास बताया है और यह भी नोट किया है कि भीड़ के कुछ हिस्से देश में हिजाब कानूनों को और सख्ती से लागू करने की मांग कर रहे हैं। सशस्त्र बलों के प्रवक्ता अबोलफजल शेकार्ची ने 16 सितंबर 2026 को यह भी कहा था कि लगातार हो रही इन रैलियों ने दुश्มनों की योजनाओं को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है।

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