Tehran में ईरान का बड़ा सैन्य प्रदर्शन, लाखों लोग सड़कों पर उतरे और नए सुरक्षा अभियान की शुरुआत की.

तेहरान की सड़कों पर हाल ही में एक बहुत बड़ा नजारा देखने को मिला, जहां लाखों की संख्या में आम लोग और सुरक्षा बल इकट्ठा हुए। यह आयोजन 18 सितंबर 2026 को सरकार की तरफ से 'Janfaday-e Iran' यानी देश के लिए जान देने वालों के नाम से चलाए जा रहे बड़े मोबिलाइजेशन अभियान के तहत किया गया था। इस प्रदर्शन की रिपोर्ट अगले दिन यानी 19 सितंबर 2026 को सामने आई, जो फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से देश में राष्ट्रीय एकता और प्रतिरोध का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अकेले तेहरान की इस परेड में 313,000 लोगों ने हिस्सा लिया और अपनी ताकत का अहसास कराया।
सड़क पर हथियारबंद महिलाएं और अत्याधुनिक ड्रोन
इस कार्यक्रम के दौरान तेहरान की सड़कों पर बेसज पैरामिलिट्री फोर्स की हथियारबंद महिलाएं मार्च करती हुई नजर आईं, जिनके साथ एंटी-आर्क विमान और शहीद ड्रोन भी प्रदर्शित किए गए। इस विशाल रैली में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन भी शामिल हुए और उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए देश की गरिमा और एकता पर जोर दिया। आपको बता दें कि यह 'Janfaday-e Iran' अभियान इस साल 29 मार्च 2026 को शुरू हुआ था, जिसका मुख्य उद्देश्य इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC और बेसज बलों के साथ मिलकर देश की सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत करना है।
एक मिलियन से ज्यादा लोगों को मिलेगी सैन्य ट्रेनिंग
आईआरजीसी के तेहरान कमांडर जनरल हसन हसनजादेह ने अनुमान जताया है कि आने वाले समय में सैन्य ट्रेनिंग लेने वाले लोगों की संख्या 1 मिलियन यानी 10 लाख से भी ज्यादा हो सकती है। सरकार के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोग्राम के लिए अब तक 600,000 से ज्यादा वालंटियर रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत है। बेसज फोर्स के नए प्रमुख हुसैन ताएब ने बताया कि इन सभी वालंटियर्स को पूरी तरह से युद्ध जैसी रक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है और उन्होंने नए ट्रेनीज को ईरान के दुश्मनों के लिए एक बुरा सपना बताया है।
बनाए जाएंगे 1,000 राष्ट्रीय प्रतिरोध बटालियन
ईरान के जनरल स्टाफ के चीफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने इस पूरी पहल को शासन के अस्तित्व के लिए जरूरी प्रतिरोध का एक नया रूप बताया है। सरकार की योजना देश भर में 1,000 राष्ट्रीय लोकप्रिय प्रतिरोध बटालियन और इतने ही यानी 1,000 बचाव और राहत इकाइयां स्थापित करने की है। सरकारी मीडिया ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि इन नए रंगरूटों के लिए ट्रेनिंग बहुत जल्द शुरू होने वाली है, जिसमें असॉल्ट राइफल चलाने, ड्रोन को ऑपरेट करने और एंटी-डिफेंस सिस्टम के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह पूरी सैन्य गोलबंदी ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर है, जिसमें अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी, नए लगाए गए प्रतिबंध और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संघर्ष शामिल हैं।