क्षेत्रीय युद्ध रोकने के लिए सऊदी अरब तुर्की और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी तेहरान में मिले
क्षेत्रीय युद्ध को रोकने के लिए सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी तेहरान में ईरानी राष्ट्रपति से मिले।

तेहरान: क्षेत्रीय युद्ध के खतरे को कम करने के लिए सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों ने ईरान का दौरा किया है। 26 अक्टूबर 2026 को इन देशों के प्रतिनिधियों ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और अन्य ईरानी नेताओं के साथ मुलाकात की।
इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान, तुर्की के खुफिया प्रमुख इब्राहिम कालिन और पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर शामिल थे। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते विवाद और सऊदी अरब व यमन में हूती हमलों के बाद यह पहली बड़ी राजनयिक मुलाकात है।
इसी दौरान मॉस्को में कतर के अमीर और ईरानी राष्ट्रपति के बीच भी बैठक हुई। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, कतर ने ईरान से 호र्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के मामले में नेक नीयती दिखाने और क्षेत्रीय धमकियों को रोकने का आग्रह किया है।
रॉयटर्स, ईरानी राष्ट्रपति की वेबसाइट, अशरक अल-अवसत और गल्फ न्यूज ने इन बैठकों की पुष्टि की है। इन राजनयिक कोशिशों के बाद वैश्विक बाजारों में कुछ राहत देखी गई और मार्केट सेंटीमेंट में सुधार हुआ है।
राजनयिक संकेतों के बावजूद पिछले आठ महीनों से जारी संघर्ष का असर अब भी दिख रहा है। सऊदी अरब पर हूती मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं, जिन्हें लगातार नाकाम किया जा रहा है। इन हमलों की वजह से उड़ानों में बाधा आ रही है और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है।
वर्तमान में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 114 डॉलर प्रति बैरल है। यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग संचालन और वहां रह रहे प्रवासियों की सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बैठकों की दीर्घकालिक सफलता ईरान के ठोस कदमों और अमेरिका व इजरायल की रणनीतिक गणनाओं पर निर्भर करेगी। आगे की स्थिति अब आधिकारिक बयानों, होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति और हूती अभियानों के रुख से तय होगी।