तेलंगाना सरकार ने नेपाल बाढ़ में फंसे लोगों के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर, ऐसे करें संपर्क।

नेपाल में आए भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद तेलंगाना सरकार पूरी तरह से हरकत में आ गई है। राज्य के जो भी नागरिक इस समय नेपाल में फंसे हुए हैं, उनकी मदद के लिए सरकार ने नई दिल्ली स्थित तेलंगाना भवन में एक विशेष हेल्पलाइन और समन्वय केंद्र शुरू कर दिया है। यह बड़ा कदम मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के सीधे निर्देशों के बाद उठाया गया है, ताकि वहां फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके और उनके परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके।
नेपाल में तबाही और फंसे लोगों का हाल
मिली जानकारी के अनुसार, नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मची है। स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि यह आपदा किसी ग्लेशियर के टूटने और उसके बाद हुए भयानक भूस्खलन के कारण आई है। इस दिल दहला देने वाली घटना में अब तक लगभग 150 से 160 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 400 से 500 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस सूची में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिससे स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो गई है। इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी आप UNI India की रिपोर्ट में देख सकते हैं।
सरकार और मंत्रियों की सक्रियता
तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने इस पूरी आपदा पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से यह अपील की है कि नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम को सबसे पहले प्राथमिकता दी जाए। तेलंगाना भवन अब लगातार विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में है ताकि राहत और बचाव के कामों में कोई रुकावट न आए।
इन नंबरों पर करें संपर्क
तेलंगाना सरकार ने उन परिवारों से अपील की है जिनके अपने लोग तीर्थयात्रा या घूमने के लिए नेपाल गए थे और उनसे संपर्क टूट गया है। परिजनों को अपने परिवार के सदस्य का नाम, पासपोर्ट नंबर, मोबाइल नंबर, आखिरी बार कहां थे, ट्रैवल एजेंसी की जानकारी और घर के किसी सदस्य का फोन नंबर साझा करना होगा। मदद के लिए इन अधिकारियों से सीधे संपर्क किया जा सकता है:
- वंदना (निजी सचिव और संपर्क प्रमुख): 9871999044
- चक्रवर्ती (जनसंपर्क अधिकारी): 9949351270
- जी रक्षित नाइक (संपर्क अधिकारी): 9618597969
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत कार्य जारी
इस संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर तेजी से काम चल रहा है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह कंफर्म किया है कि भारत की तरफ से वायुसेना के सी-130जे विमान के जरिए 10 टन मानवीय सहायता और जरूरी दवाइयां नेपाल भेजी जा चुकी हैं। इसके अलावा, भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की टीमों को भी तैनात कर दिया गया है जो बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
नेपाल रेड क्रॉस सोसाइटी भी लगातार खोज और बचाव अभियान चला रही है। नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राहत कार्यों को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। तिमुरे, रसुवागढी और स्याब्रूबेशी जैसे इलाकों में बुनियादी ढांचे पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जिसके बाद नेपाल सरकार ने भारत और चीन दोनों देशों से इस आपात स्थिति में औपचारिक रूप से मदद मांगी है।