Telangana News: खाड़ी देशों में तेलंगाना के 8 लोग गायब, परिवारों की बढ़ी चिंता.

खाड़ी देशों यानी ओमान, यूएई और सऊदी अरब में तेलंगाना के आठ लोग अचानक लापता हो गए हैं। इन लोगों के अचानक गायब होने से उनके परिवारों की नींद उड़ गई है और वे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। ये सभी लोग अलग-अलग कामों के लिए टूरिस्ट वीजा पर विदेश गए थे और वहां पहुंचने के बाद इन्होंने अपने घरों में फोन पर बात करना बिल्कुल बंद कर दिया। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि वे अपनों को ढूंढने के लिए किससे मदद मांगे क्योंकि विदेश में नौकरी की तलाश में जाने वाले ऐसे मामलों में अक्सर भाषा और कानून की दिक्कतें सामने आती हैं।
कौन-कौन लोग हैं लापता और कब हुआ संपर्क टूटा
लापता होने वाले लोगों में मेडक जिले के चेगुंटला के रहने वाले 24 साल के Mohammed Sileman शामिल हैं जो ओमान में जून महीने के बीच में गायब हुए थे। उन्होंने अपनी पत्नी Saida को बताया था कि वे किसी बीच पर घूमने जा रहे हैं और उसके बाद से उनका कुछ अता-पता नहीं चला। इसके अलावा जगित्याल के रहने वाले Alleswarapu Ramesh पिछले 16 जून से यूएई से लापता हैं। कामारेड के Malut Kotaiah जून के आखिरी हफ्ते के बाद सऊदी अरब में अचानक गायब हो गए। वहीं जगित्याल के मल्लापुर के रहने वाले Bhukya Srikanth से आखिरी बार 7 जून को बात हुई थी जब वे दुबई के बानीयास इलाके में स्थित LuLu Hypermarket के पास काम कर रहे थे।
परिजनों ने अधिकारियों से लगाई गुहार
परेशान परिवारवालों ने तेलंगाना सरकार की गल्फ प्रवासियों के लिए बनाई गई शिकायत खिड़की यानी Pravasi Prajavani सेल और भारतीय दूतावासों से मदद की गुगुहार लगाई है। इस मामले में संपर्क अधिकारी Bhargavi N. ने पुष्टि की है कि दूतावास के कागजी काम के बाद भी अभी तक लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। कुछ मामलों में जैसे कि Alleswarapu Ramesh के मामले में दूतावास की शुरुआती रिपोर्ट में उनके भारत लौटने की बात कही गई थी लेकिन बाद में उनका रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया और कोई जानकारी नहीं मिली। Bhukya Srikanth के पिता खुद इस समय दुबई में मौजूद हैं लेकिन उनके वीजा का स्टेटस ऐसा है कि वे खुलकर अपने बेटे की तलाश में बाहर नहीं घूम पा रहे हैं और अपने ही हाल पर बेबस हैं।
गल्फ में लेबर के हालात और सुरक्षा से जुड़ी बातें
यह पूरी घटना ऐसे समय में सामने आई है जब खाड़ी देशों में लेबर से जुड़ी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। विदेश मंत्रालय यानी MEA के आंकड़ों के मुताबिक साल 2023 से 2025 के बीच इस क्षेत्र में 800 से ज्यादा भारतीयों की काम के दौरान मौत के मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें अकेले सऊदी अरब में 182 और यूएई में 128 मौतें शामिल हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय तनाव भी लगातार बना हुआ है। हाल ही में 15 सितंबर को सऊदी अरब के खामिस मुशैत, आभा और ताइफ में हाउती हमलों में 13 आम नागरिक घायल हो गए थे। ये सभी इलाके जेद्दा कंसुलेट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं जो मार्च 2026 तक सऊदी अरब में रहने वाले 27.48 लाख भारतीयों के एक हिस्से की देखरेख करता है।
मौजूदा समय में यानी 17 सितंबर 2026 के हिसाब से UAE dirham भारतीय रुपये के मुकाबले लगभग ₹26.11 पर कारोबार कर रहा है। लापता लोगों के परिवारों ने अपील की है कि अगर किसी को भी Mohammed Sileman, Alleswarapu Ramesh, Malut Kotaiah या Bhukya Srikanth के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो वे तुरंत तेलंगाना में Pravasi Prajavani ऑफिस या फिर मस्कट, दुबई, अबू धाबी, रियाद या जेद्दा में स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करें। इन घटनाओं ने एक बार फिर से इस बात को साफ कर दिया है कि टूरिस्ट वीजा पर विदेशों में जाकर काम करना कितना बड़ा जोखिम भरा हो सकता है और परिवारों को अपने बिछड़े हुए लोगों को खोजने के लिए कितनी भारी अंतरराष्ट्रीय कानूनी और कागजी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।