Temasek का बड़ा दांव: रियाद और अबू धाबी में खुलेंगे नए ऑफिस

सिंगापुर की दिग्गज निवेश कंपनी Temasek ने मध्य पूर्व (Middle East) में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह सऊदी अरब के रियाद और संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में नए कार्यालय स्थापित करने जा रही है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में उभरते हुए दीर्घकालिक निवेश अवसरों का लाभ उठाना और अपने पोर्टफोलियो कंपनियों के साथ जुड़ाव को गहरा करना है।
मध्य पूर्व में निवेश के नए रास्ते
Temasek की यह योजना केवल दो देशों तक सीमित नहीं है। कंपनी का लक्ष्य कतर और अन्य क्षेत्रीय बाजारों के संस्थानों के साथ सीधे तौर पर जुड़ना है ताकि नए निवेश और साझेदारी के अवसर विकसित किए जा सकें। मध्य पूर्व वर्तमान में दुनिया के सबसे बड़े संप्रभु धन कोषों (Sovereign Wealth Funds) का घर है, जिनमें सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड और अबू धाबी का इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
कंपनी के अनुसार, इस क्षेत्र में हो रहा आर्थिक परिवर्तन और विविधीकरण की पहल निवेश के लिए बहुत ही आकर्षक अवसर पैदा कर रही है।
2027 तक शुरू हो जाएंगे नए ऑफिस
Temasek की योजना के मुताबिक, रियाद और अबू धाबी के ये नए कार्यालय 2027 की पहली छमाही में पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद है। ये कार्यालय केवल प्रशासनिक केंद्र नहीं होंगे, बल्कि रणनीतिक हब के रूप में काम करेंगे। यहाँ Temasek की पोर्टफोलियो कंपनियां भी एक साथ मिलकर काम कर सकती हैं, जिससे सहयोग और बढ़ेगा।
- रणनीतिक लक्ष्य: मध्य पूर्व के माध्यम से मध्य एशिया और अफ्रीका के बाजारों तक पहुंच बनाना।
- नेटवर्क विस्तार: नए कार्यालयों के साथ Temasek का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क 11 देशों में 15 कार्यालयों तक पहुंच जाएगा।
- साझेदारी: स्थानीय संस्थानों के साथ मिलकर दीर्घकालिक मूल्य बनाना।
नेतृत्व और विजन
Temasek Holdings के सीईओ दिलहान पिल्ले सैंड्रासेगरा ने इस विस्तार पर खुशी जताते हुए कहा कि मध्य पूर्व कंपनी के वैश्विक नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आर्थिक परिवर्तन की गति और महत्वाकांक्षा वास्तव में उल्लेखनीय है और यहाँ के बुनियादी आर्थिक कारक बहुत आकर्षक हैं।
वहीं, Temasek ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स के सीईओ चिया सोंग हुई ने बताया कि मध्य पूर्व में जमीनी स्तर पर मौजूदगी होने से भागीदारों के साथ जुड़ाव मजबूत होगा। इससे न केवल इस क्षेत्र में, बल्कि मध्य एशिया और अफ्रीका में भी निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।
क्षेत्रीय विस्तार की इस रणनीति का नेतृत्व अंकित खेमका कर रहे हैं, जो स्थानीय परिचालन रणनीति और विस्तार की देखरेख करेंगे।