UAE की जेल से रिहा हुए 10 ईरानी मछुआरे, कई महीनों बाद अपने घर लौटे

संयुक्त अरब अमीरात की हिरासत में लंबे समय से बंद 10 ईरानी मछुआरे शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को अपने वतन वापस लौट गए। ईरान के वाणिज्य दूतावास और आईआरएनए समाचार एजेंसी ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरानी विदेश मंत्रालय के लगातार कूटनीतिक प्रयासों के बाद इन सभी को रिहा किया गया। रास्ता भटकने की वजह से इन लोगों को यूएई की सीमा में प्रवेश करना पड़ा था, जिसके बाद से इन्हें अलग-अलग जगहों पर रखा गया था।
कैसे भटके थे मछुआरे
ये सभी क्रू मेंबर पिछले साल मार्च और अप्रैल 2026 से हिरासत में थे जब इनकी नावें बहकर अमीरात के जलक्षेत्र में चली गई थीं। इस अनधिकृत प्रवेश के पीछे जीपीएस और वेसल-ट्रैकिंग सिग्नल में आई बड़ी तकनीकी खराबी थी। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में चल रहे अमेरिकी और इजरायली सैन्य अभियानों की वजह से इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेरेंस बढ़ गया है, जिससे नेविगेशन सिस्टम फेल हो रहे हैं और नावें अपना रास्ता भटक जाती हैं।
यूएई की अलग-अलग जेलों में थे कैद
इन मछुआरों को यूएई के कई इलाकों में स्थित अलग-अलग हिरासत केंद्रों में रखा गया था, जिसमें मुख्य रूप से सुवेइहान, रास अल-खैमाह और शारजाह की जगहें शामिल थीं। अपनी वतन वापसी के सफर के दौरान इन्होंने फारस की खाड़ी को पार किया और दक्षिणी ईरानी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास पहुंचे। इनमें से कुछ लोगों ने तेहरान के इमाम खुमhomeini हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए सीपेहरान एयरलाइंस की फ्लाइट का भी इस्तेमाल किया।
जुलाई में भी हुई थी रिहाइश
इससे पहले जु जुलाई 2026 में भी एक ऐसा मामला सामने आया था जब यूएई ने इसी तरह की परिस्थितियों में फंसे 55 ईरानी मछुआरों को आजाद किया था। हालांकि, ताजा रिहाई की प्रक्रिया में 7 सितंबर 2026 को थोड़ी रुकावट आई थी जब अमीराती अधिकारियों ने बिना किसी आधिकारिक कारण के इन 10 लोगों की वापसी को अचानक रोक दिया था, लेकिन बाद में इस मामले को बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया। इसके अलावा, अधिकारी अगस्त की शुरुआत में लापता हुए 13 लोगों में से बाकी बचे 3 मछुआरों की तलाश में अभी भी जुटे हुए हैं।
बढ़ते क्षेत्रीय तनाव का असर
समुद्र से जुड़े ये सभी मामले ऐसे समय में सामने आ रहे हैं जब खाड़ी देशों में तनाव का माहौल काफी ज्यादा बना हुआ है। पिछले अगस्त 2026 में यूएई ने ईरान के साथ अपने व्यावसायिक संबंधों, व्यापार और वित्तीय लेनदेन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया था, जिसका कारण अमीराती क्षेत्र की तरफ दागी गई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें थीं। इन राजनीतिक और क्षेत्रीय तनावों की वजह से समुद्री सुरक्षा पर बहुत असर पड़ा है और स्थानीय मछली पकड़ने वाले बेड़ों के लिए काम करना काफी महंगा हो गया है।