थाईलैंड: उइगर पुरुषों को चीन न भेजने की एचआरडब्ल्यू की अपील

ह्यूमन राइट्स वॉच ने थाईलैंड से दो उइगर पुरुषों को चीन न भेजने की अपील की है, क्योंकि उन्हें वहां प्रताड़ना का सामना करना पड़ सकता है।

Gautam Sahu6 November 20262 min read0 viewsWorld
थाईलैंड: उइगर पुरुषों को चीन न भेजने की एचआरडब्ल्यू की अपील

बैंकॉक (थाईलैंड): ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने थाईलैंड सरकार से दो उइगर पुरुषों को चीन वापस न भेजने की अपील की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर इन लोगों को जबरन चीन भेजा गया, तो उन्हें वहां प्रताड़ना, जबरन गायब किए जाने और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन का सामना करना पड़ सकता है।

यह मामला तब गरमाया जब थाई अधिकारियों ने इन दोनों हिरासतबंदों को जेल से हटाकर बैंकॉक के एक इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में शिफ्ट कर दिया। 21 अक्टूबर 2026 को इन्हें सुआन प्लू स्थित बैंकॉक इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर ले जाया गया। सुरक्षा कारणों से इनकी पहचान गुप्त रखी गई है। ये दोनों लोग अपनी सात साल की जेल की सजा का बड़ा हिस्सा पूरा कर चुके हैं और इन्हें शाही क्षमादान मिला है।

ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक, अगस्त में थाई अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक के दौरान चीनी राजनयिकों ने इन दोनों की वापसी की मांग की थी। ये दोनों व्यक्ति 2014 से थाई हिरासत में हैं, जिस समय इनमें से एक की उम्र महज 14 साल थी। जनवरी 2020 में इमिग्रेशन डिटेंशन से भागने की कोशिश के बाद इन्हें जेल भेजा गया था।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इन पुरुषों के वकीलों ने थाई अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि इनमें से कोई भी चीन वापस जाने को तैयार नहीं है। इसके बावजूद, इमिग्रेशन अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी को उनके शरण दावों का आकलन करने की अनुमति नहीं दी है।

संस्था ने प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल से निर्वासन प्रक्रिया को रोकने और इन लोगों को किसी सुरक्षित तीसरे देश में शरण लेने की अनुमति देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यह कदम 'नॉन-रिफाउलमेंट' के अंतरराष्ट्रीय सिद्धांत का उल्लंघन होगा, जो किसी व्यक्ति को ऐसे देश में भेजने से रोकता है जहां उसे प्रताड़ना का खतरा हो।

इससे पहले 27 फरवरी 2025 को थाईलैंड ने 40 उइगर पुरुषों को चीन वापस भेजा था, जो काफी विवादित रहा। तब से उनकी सुरक्षा या ठिकाने के बारे में कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने बताया कि उनके परिवारों को भी अपनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। साल 2015 में भी थाईलैंड ने 100 से अधिक उइगर पुरुषों को चीन सौंपा था, हालांकि उस समय करीब 170 महिलाओं और बच्चों को तुर्की भेजा गया था।

Share:

Comments

Leave a comment