दोहा सुरक्षा फोरम में अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध में इजरायल का साथ नहीं देंगे

दोहा: अमेरिका के तुर्किये राजदूत और सीरिया व इराक के विशेष दूत टॉम बैरक ने साफ किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध में इजरायल के पीछे नहीं जाएंगे। 20 अक्टूबर 2026 को दोहा में आयोजित ग्लोबल सिक्योरिटी फोरम के दौरान उन्होंने यह बात कही।
यह फोरम 19 से 21 अक्टूबर तक 'द फ्यूचर ऑफ अलायंस' विषय पर चल रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री के विरोधाभासी बयानों के बीच बैरक ने राष्ट्रपति की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि वाशिंगटन ने मध्य पूर्व के प्रति अपने नजरिए में बुनियादी बदलाव किया है।
बैरक ने कहा कि अमेरिका अब क्षेत्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों को नियंत्रित करने की कोशिश नहीं कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका अब दुनिया का मालिक नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इसका मतलब अमेरिका का पीछे हटना नहीं है।
दूत ने आगे बताया कि अमेरिका का मकसद नियंत्रण करना नहीं, बल्कि वहां बने रहना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका वहां से नहीं जा रहा है और तेहरान के साथ शांतिपूर्ण समझौते की कोशिश कर रहा है।
ईरान के बारे में बात करते हुए बैरक ने कहा कि वह कोई बुरा शासन नहीं है और उसकी धार्मिक व्यवस्था सम्मान की हकदार है। हालांकि, उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की आलोचना की।
यमन संकट पर उन्होंने कहा कि वहां अमेरिकी जमीनी हस्तक्षेप करना बेकार होगा। उन्होंने पुष्टि की कि राष्ट्रपति ट्रंप सऊदी अरब को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बैरक ने जोर देकर कहा कि मध्य पूर्व के देशों को अब क्षेत्रीय संकटों से निपटने के लिए खुद के जवाब तलाशने चाहिए, न कि पूरी तरह वाशिंगटन पर निर्भर रहना चाहिए।
तुर्किये और इजरायल के रिश्तों पर उन्होंने कहा कि इजरायल इतना समझदार है कि वह तुर्किये के साथ असली लड़ाई नहीं मोल लेगा। हालांकि, उन्होंने तुर्किये की सीमा के पास इजरायली सैन्य हमलों पर चिंता जताई, जिनकी जानकारी अंकारा को पहले नहीं दी गई थी।
बैरक ने पुराने अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेपों और शासन बदलने की कोशिशों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा प्रशासन सैन्य तनाव के बजाय कूटनीति और क्षेत्रीय सहयोग को प्राथमिकता दे रहा है।