अमेरिका और ईरान की जंग में नया विवाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर लगाया बड़ा आरोप.

Aanya4 September 20263 min read41 viewsWorld
अमेरिका और ईरान की जंग में नया विवाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर लगाया बड़ा आरोप.

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 4 सितंबर 2026 को देश के विपक्षी दल डेमोक्रेट्स पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स और उनके साथी ईरान के साथ चल रहे मौजूदा युद्ध में अमेरिका की हार की दुआ कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने राजनीतिक विरोधियों को 'ट्रंप डेरेंजमेंट सिंड्रोम' से पीड़ित बताया और ईरान को एक नाकाम देश करार दिया, जिसके पास कोई ढंग की नौसेना, वायु सेना या अपनी मजबूत करेंसी नहीं है। इस बयान से पहले क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया था, और ट्रंप ने 3 सितंबर 2026 को ओमान तक संघर्ष को बढ़ाने की चेतावनी दी थी, हालांकि 4 सितंबर को उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान के साथ बातचीत ठीक-ठाक चल रही है।

गल्फ देशों में हमलों का सिलसिला और भारतीय प्रवासियों पर असर

इस संघर्ष का असर खाड़ी देशों यानी गल्फ क्षेत्र पर भी साफ देखने को मिल रहा है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी रहते हैं। 3 सितंबर 2026 को ईरान ने कुवैत और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए और कुवैत तथा बहरीन की तरफ ड्रोन दागे। सऊदी अरब से भी एक तेल टैंकर पर हमले की खबर आई, जिसमें दो फिलीपीनो नाविकों की मौत हो गई। गल्फ में इस तरह के हमलों से वहां काम करने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। भारतीय समुदाय के लोग जो इन देशों में रोजगार के लिए रहते हैं, वे इस क्षेत्रीय अस्थिरता से काफी डरे हुए हैं क्योंकि लगातार बढ़ते तनाव से उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अमेरिकी प्रशासन और ईरान का पक्ष

अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप के रुख का पूरा समर्थन किया। उपराष्ट्रपति JD Vance ने 4 सितंबर 2026 को साफ किया कि जहाजों पर ईरानी हमलों को रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं और ईरान का स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण अब खत्म हो चुका है। वहीं, इजराइल में अमेरिकी राजदूत Mike Huckabee ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के कदमों से ईरान सैन्य और आर्थिक रूप से कमजोर हुआ है। दूसरी तरफ, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने दावा किया कि हाल ही में हुए एक अमेरिकी मिसाइल हमले में एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन Tim Hawkins ने 3 सितंबर को बताया कि सेना शादी पर हुए हमले की खबरों की जांच कर रही है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर Chuck Schumer ने पहले ही 28 अगस्त 2026 को कहा था कि प्रशासन बिना किसी स्पष्ट रणनीति के इस युद्ध में उतरा है, जिससे अमेरिकी सैनिकों की जान जा रही है और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं। इस युद्ध से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए सनेटे डेमोक्रेट्स की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति देख सकते हैं। इसके अलावा, सीनेटर Alex Padilla और प्रतिनिधि Joseph Morelle ने ईरानी साइबर हमलों की आशंका जताते हुए चुनाव सुरक्षा फंड को फिर से बहाल करने की मांग की।

जनता की राय और सुरक्षा हालात

इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर और क्रिटिकल थ्रेट्स प्रोजेक्ट के विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को सुरक्षित करने में कुछ हद तक सफलता हासिल की है, लेकिन ईरान लगातार अपनी सैन्य ताकत को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में आए जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है कि अमेरिका की आम जनता में इस संघर्ष को लेकर नाराजगी है। करीब 62 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक राष्ट्रपति के इस संघर्ष से निपटने के तरीके से नाखुश हैं, और केवल 25 प्रतिशत लोग ही इस युद्ध को इसके खर्च के लायक मान रहे हैं। गल्फ देशों में रहने वाले लोगों और वहां आने-जाने वाले यात्रियों पर भी इस पूरी स्थिति का गहरा मनोवैज्ञानिक असर पड़ रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment