डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फर्जी हमले रचने और तेल की कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फर्जी हमले रचने और तेल की कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया है।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फर्जी हमले और माइन हादसे रचने का गंभीर आरोप लगाया है। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा कि तेहरान जानबूझकर ये संकट पैदा कर रहा है ताकि अमेरिका के मध्यावधि चुनावों से पहले वैश्विक तेल कीमतों को बढ़ाया जा सके।
ट्रंप ने दावा किया कि असलियत में इस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पहले की तुलना में अधिक तेल गुजर रहा है। साथ ही उन्होंने यह बात भी दोहराई कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इससे पहले 22 अक्टूबर 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने अवैध तेल ट्रांसफर में शामिल चार जहाजों पर हमला किया है। IRGC ने यह भी बताया कि तीन अन्य जहाज स्ट्रेट के पश्चिम में माइन से टकराए हैं। इन खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।
IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने इलाके में एस्कॉर्ट मिशन जारी रखे, तो क्षेत्रीय संघर्ष मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक फैल जाएगा। एक वरिष्ठ IRGC अधिकारी ने समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों को निशाना बनाने की धमकी दी है।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला किया, तो ईरान सात खाड़ी देशों के तेल संयंत्रों, डेटा सेंटरों और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करेगा।
बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब से गैर-आपातकालीन कर्मियों और उनके परिवारों को वापस बुला लिया है। यह फैसला हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के कारण लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर संभावित हमलों के लिए सैन्य योजनाएं बना रहे हैं।
दूसरी ओर, अप्रत्यक्ष बातचीत भी जारी है। ईरान ने बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाने, प्रतिबंधों में ढील और अपनी जमी हुई संपत्तियों को मुक्त कराने के बदले शिपिंग को सामान्य करने के लिए सात दिनों की योजना का प्रस्ताव दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश कूटनीति और युद्ध, दोनों के लिए समान रूप से तैयार है और एक नया 'आक्रामक' रक्षा सिद्धांत पेश कर रहा है।