Iran के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान को अमेरिका बुला कर Trump ने सारे ईरानी फ्लाइट को बैन कर दिया, लौट पाने संशय चालू दुनिया भर में

Lov Singh23 September 20263 min read338 viewsWorld
Iran के  राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान को अमेरिका बुला कर Trump ने सारे ईरानी फ्लाइट को बैन कर दिया, लौट पाने संशय चालू दुनिया भर में

न्यूयॉर्क/तेहरान: मिडिल ईस्ट की सियासत में एक ऐसा नाटकीय मोड़ आया है, जिसने पूरी दुनिया की कूटनीतिक बिरादरी को चौंका दिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान UNGA (संयुक्त राष्ट्र महासभा) में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी धरती, न्यूयॉर्क पर उतर चुके हैं — और ठीक इसके एक दिन बाद, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ऐलान कर दिया कि "सभी ईरानी एयरलाइंस को दुनिया भर में बंद कर दिया जाएगा।"

बेसेंट की चेतावनी — शब्दों में भी तल्खी, कार्रवाई में भी सख्ती

बेसेंट ने CNBC को दिए इंटरव्यू में साफ शब्दों में कहा —

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"23 सितंबर को, सभी ईरानी एयरलाइंस दुनिया भर में बंद कर दी जाएंगी। अगर वे कहीं लैंड करते हैं, तो आप उन्हें ईंधन नहीं दे सकते, लैंडिंग सर्विस नहीं दे सकते, टिकट नहीं बेच सकते — वरना आपको डॉलर सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा।"

यह अमेरिका के "ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट" अभियान के तहत अब तक की सबसे बड़ी और सबसे व्यापक विमानन प्रतिबंध कार्रवाई मानी जा रही है — क्योंकि इसका असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं, बल्कि दुनिया के लगभग हर उस एयरपोर्ट, फ्यूल सप्लायर और टिकटिंग सिस्टम पर पड़ेगा जो किसी भी तरह से डॉलर सिस्टम से जुड़ा है — यानी व्यावहारिक तौर पर दुनिया का लगभग हर बड़ा एविएशन हब।

सबसे दिलचस्प सवाल — क्या पेज़ेशकियान का प्लेन वापस उड़ पाएगा?

यही वो सस्पेंस है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है — पेज़ेशकियान का ईरान-रजिस्टर्ड जेट, जो अब सरकारी इस्तेमाल के लिए बदला गया एक कमर्शियल एयरलाइनर है, न्यूयॉर्क में वापसी की उड़ान के लिए ईंधन भरवा पाएगा या नहीं, यह अभी तक साफ नहीं है। अगर बेसेंट की चेतावनी अक्षरशः लागू होती है, तो सैद्धांतिक रूप से अमेरिकी धरती पर ही ईरानी राष्ट्रपति का विमान फंस सकता है — हालांकि राजनयिक प्रोटोकॉल के तहत आमतौर पर ऐसी सख्ती से बचा जाता है।

टाइमिंग को लेकर उठ रहे बड़े सवाल

गौर करने वाली बात यह है कि यह ऐलान बिल्कुल उसी दिन आया, जिस दिन:

  • ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान न्यूयॉर्क के लिए तेहरान से रवाना हुए
  • विदेश मंत्री डॉ. अराघची पूरे उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ JFK एयरपोर्ट पहुंचे

ईरान के अंदर भी इस टाइमिंग को लेकर तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरानी कट्टरपंथी विश्लेषक फुआद इज़ादी ने अमेरिका की इस "मेहमाननवाज़ी" पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या राष्ट्रपति का विमान वाकई ईंधन और ज़रूरी सेवाएं हासिल कर पाएगा।

सिर्फ राष्ट्रपति ही नहीं — पूरे मीडिया दल को भी झटका

तनाव यहीं खत्म नहीं होता। ईरान ने अमेरिका पर एक और गंभीर आरोप लगाया है — तेहरान का कहना है कि अमेरिकी सरकार ने राष्ट्रपति के मीडिया दल के कई सदस्यों को वीज़ा देने से इनकार कर दिया, जिसे ईरान ने "अभूतपूर्व शत्रुतापूर्ण कदम" करार दिया है।

आम ईरानी नागरिकों पर पड़ेगी सबसे बड़ी मार

आलोचकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस तरह के व्यापक विमानन प्रतिबंधों का सीधा असर आम ईरानी जनता पर पड़ेगा — खासकर उन ज़रूरी दवाइयों की सप्लाई पर, जो ज़्यादातर हवाई मार्ग से ही ईरान पहुंचती हैं। पहले ही ओमान और तुर्की जैसे देश ईरान की महान एयर (Mahan Air) की उड़ानें रोक चुके हैं, जबकि इराक भी प्रतिबंधित ईरानी एयरलाइंस की उड़ानें निलंबित करने की तैयारी में है।

फिर भी बातचीत की उम्मीद बाकी!

इतने तनाव के बावजूद, एक दिलचस्प बात यह भी है कि संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने AP को बताया कि अमेरिका और ईरान, दोनों ने ही UN मुख्यालय में मंगलवार को एक मीटिंग के लिए जगह मांगी है — हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं कि इसमें कौन-कौन शामिल होगा, या कोई बड़ी बातचीत होगी भी या नहीं।

पेज़ेशकियान बुधवार, 23 सितंबर को सुबह के सत्र में UNGA को संबोधित करने वाले हैं, जिसमें वे अमेरिका-इज़राइल की "आक्रामकता" के खिलाफ ईरान का पक्ष मज़बूती से रखेंगे।

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