डोनाल्ड ट्रंप का दावा, अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और एपिक फ्यूरी से ईरान की परमाणु क्षमता खत्म हो गई है।

Gautam Sahu25 October 20262 min read0 viewsWorld
डोनाल्ड ट्रंप का दावा, अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को पूरी तरह खत्म कर दिया है। उन्होंने बताया कि फरवरी से मई 2026 के बीच चलाए गए 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के जरिए यह कामयाबी मिली। ट्रंप के मुताबिक पिकैक्स माउंटेन समेत चार प्रमुख ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है और अमेरिकी सेना अब वहां किसी भी हलचल पर नजर रख रही है।

25 अक्टूबर 2026 को दिए बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह उस दिन ईरान पर कोई सैन्य हमला नहीं करेंगे, हालांकि उन्होंने भविष्य में कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी नौसेना की सख्ती के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल का परिवहन युद्ध से पहले के स्तर से ऊपर निकल गया है।

हालांकि, ट्रंप के दावों के विपरीत अन्य आंकड़े अलग कहानी बयां कर रहे हैं। सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, इस जलमार्ग से समुद्री यातायात युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले करीब 75 प्रतिशत कम रहा है। युद्ध से पहले यहां रोजाना लगभग 138 जहाज गुजरते थे, जबकि इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन ने संघर्ष की शुरुआत से अब तक 120 समुद्री घटनाओं और 24 नाविकों की मौत दर्ज की है।

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क्षेत्र में तनाव अब भी बरकरार है। नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर जे क्लेयटन ने 23 अक्टूबर को चेतावनी दी थी कि ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमले की योजना के उन्नत चरण में है। वहीं, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रूबियो को मिली खुफिया रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि ईरान ने अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

इन खतरों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि संपर्क बिंदु खोजने के लिए उन्हें ईरानी नेताओं को मारना बंद करना होगा। दूसरी तरफ, ईरान समेत रूस, चीन, पाकिस्तान और क्यूबा जैसे 11 देशों ने संयुक्त राष्ट्र में एक साझा बयान जारी किया है। इसमें इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा उपायों के तहत परमाणु केंद्रों पर हमलों पर रोक लगाने की मांग की गई है।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने सख्त चेतावनी दी है कि ईरान की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन होने पर ऐसा जवाब दिया जाएगा जो दुश्मन की कल्पना से परे होगा।

इस बीच व्हाइट हाउस ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की एक सोशल मीडिया पोस्ट पर चिंता जताई है। इस पोस्ट में एआई (AI) के जरिए तेल अवीव पर ईरानी परमाणु हमले को दिखाया गया था, जिससे डर है कि तनाव और बढ़ सकता है।

IAEA ने अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्ट में कहा है कि उसे ईरान के परमाणु स्थलों तक पहुंच नहीं मिल रही है। एजेंसी ने बताया कि वह संवर्धित यूरेनियम की मात्रा की पुष्टि नहीं कर पा रही है, जो जून 2025 के हमलों से पहले मौजूद था। उस समय एजेंसी का अनुमान था कि ईरान के पास 60 प्रतिशत शुद्धता वाला लगभग 440.9 किलोग्राम यूरेनियम था।

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