स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा, कहा- हमारे पास है पूरा कंट्रोल।

Nura Basta27 September 20263 min read0 viewsWorld
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा, कहा- हमारे पास है पूरा कंट्रोल।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 27 सितंबर 2026 को यह ऐलान किया कि अमेरिका ने पिछली रात Strait of Hormuz से रिकॉर्ड मात्रा में तेल का परिवहन किया है। उनका दावा था कि यह मात्रा युद्ध से पहले के स्तर से भी ज्यादा थी और साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि अमेरिका इस जलमार्ग पर पूरी तरह से नियंत्रण रखता है। अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर इस रास्ते को "Trump Strait" नाम देते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें स्ट्रेट को फिर से खोलने की बात कही गई थी। राष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव की शर्तों को अस्वीकार्य बताया और कहा कि चल रहे अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की वजह से ईरान को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

तनाव और जहाजों की आवाजाही पर आंकड़े

दूसरी तरफ, सामने आए आंकड़े राष्ट्रपति ट्रंप के इन दावों के बिल्कुल उलट तस्वीर पेश करते हैं जिससे यह पता चलता है कि यातायात अभी भी युद्ध से पहले के मुकाबले काफी कम है। 24 सितंबर को जहां लगभग 60 कमर्शियल जहाज 22 मिलियन बैरल कच्चा तेल लेकर इस रास्ते से गुजरे थे, वहीं 26 सितंबर तक यह संख्या घटकर केवल 21 जहाजों पर आ गई। इनमें से भी 9 ऐसे जहाज थे जिन्होंने अपने AIS सिस्टम बंद कर रखे थे। जब 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल का संघर्ष शुरू नहीं हुआ था, तब इस रास्ते से हर रोज करीब 125 बड़े कमर्शियल जहाज आया-जाया करते थे। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन यानी U.S. Energy Information Administration (EIA) के सितंबर 2026 के शॉर्ट-टर्म एनर्जी आउटलुक के मुताबिक, भले ही मध्य पूर्व में तेल का उत्पादन बढ़ सकता है लेकिन साल के अंत तक एक्सपोर्ट पर पाबंदियां बनी रहेंगी जिससे 2027 की दूसरी तिमाही तक उत्पादन पुराने औसत से नीचे ही रहेगा।

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कूटनीतिक बातचीत और कड़े रुख

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान की सात दिवसीय योजना को ठुकराए जाने के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। इस योजना में ईरान ने नौसैनिक नाका हटाने, उसके फ्रीज किए गए पैसों को वापस देने और तेल प्रतिबंधों से छूट देने की मांग की थी। इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने यह साफ कर दिया कि अब देश को अमेरिका के साथ बातचीत पर कोई भरोसा नहीं बचा है। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी यह बात दोहराई कि ईरान अपनी शर्तों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा में 26 सितंबर को सिंगापुर के विदेश मंत्री Dr. Vivian Balakrishnan ने अपने संबोधन में बताया कि इस युद्ध ने UNCLOS को एक बहुत बड़ी चुनौती के सामने ला खड़ा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुरक्षित आवाजाही का अधिकार होने के बावजूद फिलहाल यह जलमार्ग पूरी तरह से बंद है।

सुरक्षा हालात और तेल की कीमतों पर असर

क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति तब और ज्यादा खराब हो गई जब 27 सितंबर को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने जासूसी का आरोप लगाते हुए अमेरिका के एक Remus 600 मानवरहित अंडरवाटर व्हीकल को पकड़ने का दावा किया। इसके साथ ही अमेरिकी नाकेबंदी का असर लगातार यातायात पर पड़ रहा है और 21 सितंबर तक 110 कमर्शियल जहाजों को दूसरे रास्ते पर भेजा गया, 3 जहाजों को बेकार कर दिया गया और नियमों की जांच के लिए 2 जहाजों पर चढ़ाई की गई। इन तमाम घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें आफ्टर-घंटों के कारोबार में 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं और NYMEX क्रूड में भी 2% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।

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