अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी, राष्ट्रपति ट्रंप ने किया दावा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत जारी होने का दावा किया है, जबकि ईरान ने अमेरिका की गंभीरता पर सवाल उठाए हैं।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान वॉशिंगटन के साथ बातचीत करने में दिलचस्पी रखता है और दोनों देशों के बीच चर्चा चल रही है। 30 अक्टूबर 2026 को ओवल ऑफिस से बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि बातचीत हो रही है और वे बात करना चाहते हैं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास इस राजनयिक प्रक्रिया के लिए समय है।
ट्रंप ने मौजूदा संघर्ष को एक 'असामान्य युद्ध' बताया और कहा कि इससे अमेरिकी करदाताओं पर बहुत कम बोझ पड़ रहा है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि यह दुश्मनी जल्द ही खत्म हो जाएगी। राष्ट्रपति ने यह दावा भी किया कि उन्होंने ईरान की परमाणु हथियारों की क्षमताओं को खत्म कर दिया है, हालांकि उन्होंने इसका कोई सबूत नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान की सुरक्षा सेनाएं गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही हैं।
राजनयिक मोर्चे पर ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई को जो पत्र भेजा था, वह केवल चिकित्सा आपूर्ति की डिलीवरी तक सीमित था। उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि यह पत्र शांति की दिशा में कोई बड़ा राजनयिक कदम था।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने 26 अक्टूबर को कहा था कि अमेरिका बातचीत को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने वॉशिंगटन पर आरोप लगाया कि वह कूटनीति और अपनी मांगों को थोपने के बीच भ्रम पैदा कर रहा है।
शांति प्रयासों के बीच कतरी मध्यस्थ 30 अक्टूबर को तेहरान लौटे। इससे पहले 25 अक्टूबर को एक मसौदा प्रस्ताव पेश किया गया था, जिसे वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों ने शुरू में खारिज कर दिया था। तेहरान का कहना है कि किसी भी प्रगति के लिए अमेरिका को बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करनी होगी और तेल निर्यात प्रतिबंध हटाने होंगे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने 28 अक्टूबर को बताया कि ईरान उन प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है जो संघर्ष खत्म करने की उसकी सात दिवसीय योजना के अनुरूप हैं। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबफ ने भी इसी बात को दोहराया। मध्यस्थता के प्रयासों में पाकिस्तान भी शामिल है, जिसके सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने 26 अक्टूबर को तेहरान का दौरा किया था।
सैन्य स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। 29 अक्टूबर को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने राष्ट्रपति ट्रंप को नए हमलों के संभावित सैन्य विकल्पों के बारे में जानकारी दी। कूपर ने दावा किया कि ईरानी नौसेना नष्ट हो चुकी है और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग लेन सुरक्षित हैं। वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने रिपोर्ट दी कि 30 अक्टूबर को अनधिकृत रास्तों पर जाने के कारण तीन टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए।
यह पूरा घटनाक्रम 17 जून को हुए एक समझौता ज्ञापन (MoU) के विफल होने के बाद सामने आया है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने 8 जुलाई को शून्य घोषित कर दिया था।