सऊदी अरब पर हूती मिसाइल हमला, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कैंप डेविड दौरा बीच में ही छोड़ा

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने यमन के हूती विद्रोहियों की हालिया हरकतों के बाद संभावित सैन्य विकल्पों पर विचार करने के लिए शनिवार, 19 सितंबर 2026 को कैंप डेविड की अपनी तय यात्रा को बीच में ही छोड़ दिया और अचानक वाशिंगटन डी.सी. वापस लौट आए। प्रशासन सऊदी अरब की राजधानी रियाद को निशाना बनाकर हूती बलों द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल के बाद यमन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के विकल्पों की समीक्षा कर रहा है। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि मिसाइल को हवा में ही रोक लिया गया था और इस हमले में किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन चश्मदीदों ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास धुएं और आग के गुबार उठते हुए देखे।
हूती विद्रोहियों के दावे और ओमान में बातचीत
हूती लड़ाकों ने दावा किया है कि उन्होंने राजधानी की संवेदनशील जगहों और यानबू में स्थित अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाया था। हालांकि अमेरिका ऐतिहासिक रूप से सऊदी अरब के लिए खुफिया और टार्गेटिंग सपोर्ट तक ही सीमित रहा है, लेकिन मौजूदा हालात ने अमेरिकी प्रशासन पर दबाव काफी बढ़ा दिया है। इसी बीच, अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने इस बात की पुष्टि की है कि वाशिंगटन और ओमान में मौजूद हूती प्रतिनिधियों के बीच सीधी बातचीत हुई है। ओमान में हूती समूह की तरफ से यह आश्वासन दिया गया है कि अमेरिकी और इजरायली जहाजों को उनके हमलों से पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा और उन्हें निशाना नहीं बनाया जाएगा।
ईरान की शर्तें और कतर के जरिए संदेश
एक अन्य घटनाक्रम में, ईरान ने कतर के माध्यम से अमेरिका के सामने युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत शुरू करने के वास्ते सात औपचारिक शर्तें रखी हैं। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव Mohsen Rezaei ने बताया कि इन मांगों में सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकना, ईरान की फंसी हुई वित्तीय संपत्तियों को जारी करना और नौकांस संबंधी नाकाबंदी को हटाना शामिल है। रेजाई ने चेतावनी दी कि यदि वाशिंगटन इन शर्तों को ठुकराता है, तो तेहरान एक निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी सैन्य योजनाएं खाड़ी से लेकर अरब सागर तक फैले अमेरिकी नौसैनिक बेड़ों पर लगातार केंद्रित हो रही हैं, और हाल ही में एक अमेरिकी जहाज के पास मल्टी-वारहेड एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण भी किया गया था।
मध्य पूर्व में सुरक्षा को लेकर चेतावनी
इन बढ़ते तनावों को देखते हुए मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने नए सिरे से सुरक्षा चेतावनी जारी की है। अधिकारी अमेरिकी नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे अत्यधिक सतर्कता बरतें और इस क्षेत्र में यात्रा करने से बचें या अपनी यात्रा पर पुनर्विचार करें। अधिकारियों का कहना है कि ईरान समर्थित हूती बलों और सऊदी अरब के बीच चल रहे इस संघर्ष में हालात बहुत तेजी से बिगड़ सकते हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है, क्योंकि क्षेत्रीय अशांति का असर वहां की आम जिंदगी और सुरक्षा व्यवस्था पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।