डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान के साथ युद्ध जल्द होगा समाप्त

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष बहुत जल्द किसी न किसी रूप में समाप्त हो जाएगा। ट्रंप के इस दावे के बीच अमेरिका ने ईरान की सैन्य सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए नए प्रतिबंध भी लागू कर दिए हैं।
ईरान की सैन्य और आर्थिक स्थिति पर ट्रंप का प्रहार
ट्रंप ने दावा किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका का हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर पूर्ण नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य और आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना, वायुसेना और विमान भेदी क्षमताओं को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान अब परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा और वर्तमान स्थिति ऐसी है कि देश के भीतर अब निशाना साधने के लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा है।
अमेरिका के नए प्रतिबंध: 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट'
ट्रंप के इस बयान के साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 30 सितंबर, 2026 को 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' शुरू किया है। इस अभियान के तहत ईरान, हांगकांग और पाकिस्तान के दस व्यक्तियों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य रसद और आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करना है।
ईरान में राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल
तेहरान में तनाव का माहौल बना हुआ है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और प्रवक्ता फातेमेह मोहजेरानी ने पुष्टि की है कि उन्हें अमेरिका की ओर से युद्धविराम प्रस्ताव पर आधिकारिक जवाब मिल गया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन वर्तमान में इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं।
दूसरी ओर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका से अपनी हार स्वीकार करने और क्षेत्र से पूरी तरह हटने की मांग की है। IRGC ने अमेरिकी मतदाताओं से आगामी मध्यावधि चुनावों में ट्रंप समर्थकों को खारिज करने की अपील भी की है।
ईरान की गिरती अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय तनाव
ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। 29 सितंबर, 2026 को ईरानी रियाल का मूल्य अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर (2.5 मिलियन रियाल) पर पहुंच गया, जिससे दवाओं की कीमतों में भारी उछाल आया है।
क्षेत्रीय स्तर पर भी तनाव कम नहीं हुआ है:
- UAE को चेतावनी: ईरान ने UAE को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मेजबानी और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की यात्राओं को लेकर चेतावनी दी है।
- पाकिस्तान का रुख: पाकिस्तान ने हूती हमलों के खिलाफ सऊदी अरब की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
- तेल निर्यात: संघर्ष के बावजूद, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल निर्यात युद्ध शुरू होने के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।