ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा, रूस और चीन ईरान की मदद नहीं कर रहे

वॉशिंगटन: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 अक्टूबर 2026 को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखकर दावा किया कि चीन और रूस ईरान को मदद नहीं दे रहे। उनके मुताबिक दोनों देशों के पास खोने के लिए बहुत कुछ है, इसलिए वे ऐसा नहीं करेंगे।
ट्रंप ने लिखा कि अगर ऐसी कोई मदद होती तो अमेरिका उसे "बहुत जल्दी" पहचान लेता। इस नज़रिये से असहमत लोगों को उन्होंने "रेडिकल लेफ्ट मूर्ख और पागल" कहा।
ट्रंप ने यह भी बताया कि जुलाई 2026 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें निजी तौर पर भरोसा दिलाया था कि उनके देश ईरान को हथियार नहीं बेचेंगे।
हालांकि, ट्रंप के इस दावे के उलट कई रिपोर्टें सामने आई हैं। फरवरी 28, 2026 को अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है। 9 अक्टूबर 2026 को ब्लूमबर्ग ने पश्चिमी अधिकारियों के हवाले से कहा कि रूस ईरान को मिसाइलें दे रहा है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने 24 सितंबर 2026 को खबर दी कि 2026 की पहली छमाही में चीनी आपूर्तिकर्ताओं ने ईरानी रक्षा मंत्रालय को दोहरे उपयोग वाले पुर्ज़े भेजे। जुलाई 2026 में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सीनेटरों को बताया था कि रूस और चीन अलग-अलग स्तर पर ईरान की गतिविधियों में मदद कर रहे हैं।
पिछले कुछ समय में इस मुद्दे पर टकराव भी हुआ है। मई 2026 में ट्रंप प्रशासन ने कुछ चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए, जिन पर ईरान के सैन्य सामान की खरीद में मदद करने और अमेरिकी बलों पर हमलों में सहायता देने के आरोप थे। इनमें सैटेलाइट इमेजरी देने का आरोप भी शामिल था। जुलाई 2026 में जॉर्डन में हुए एक हमले में अमेरिका के तीन सैनिकों की मौत हुई थी।
दूसरी ओर, बीजिंग और क्रेमलिन दोनों ईरान को सैन्य मदद देने के आरोपों से लगातार इनकार करते रहे हैं। चीन ने यह भी कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है और एकतरफा अमेरिकी प्रतिबंधों को मान्यता नहीं देता।