ईरान पर हमले की खबरों को डोनाल्ड ट्रंप ने नकारा, कहा- नवंबर चुनाव तक नहीं होगा कोई एक्शन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर सैन्य हमला कर सकता है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल "उत्पादक चर्चाएं" चल रही हैं और 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों (midterm elections) से पहले ईरान पर किसी भी तरह का हमला नहीं किया जाएगा।
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर साझा किए गए एक बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने इन खबरों को खारिज किया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब Axios और The Atlantic जैसे मीडिया संस्थानों ने दावा किया था कि व्हाइट हाउस ने पेंटागन से नवंबर के चुनावों से पहले ईरानी ठिकानों पर हमले के विकल्प तैयार करने को कहा है। हालांकि, पेंटागन ने इन विशिष्ट योजनाओं पर न तो पुष्टि की और न ही इनकार किया, लेकिन यह जरूर कहा कि राष्ट्रपति को सैन्य विकल्प देना उनकी मानक प्रक्रिया का हिस्सा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और तेल की स्थिति
तनावपूर्ण माहौल के बीच ट्रंप ने पुष्टि की है कि ईरानी समुद्री यातायात पर लगाया गया वर्तमान नाकाबंदी (blockade) जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि इस प्रतिबंध के बावजूद, रणनीतिक जलमार्ग से तेल रिकॉर्ड मात्रा में बह रहा है, लेकिन इसमें ईरान का एक भी बैरल शामिल नहीं है।
क्षेत्र में स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। 7 अक्टूबर 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कच्चे तेल के टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया, जिसकी जांच यूके समुद्री व्यापार संचालन केंद्र (UKMTO) द्वारा की जा रही है। बता दें कि फरवरी 2026 में शुरू हुई शत्रुता के बाद इस जलमार्ग को बंद कर दिया गया था। हालांकि जून 2026 में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक समझौता हुआ था, लेकिन उसका कार्यान्वयन अब तक रुका हुआ है।
दूसरी ओर, तेहरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और अपनी जमी हुई संपत्तियों को वापस पाने की मांग की है। वहीं, IRGC सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद रज़ा नकदी ने "अवैध रास्तों" को ब्लॉक करने की धमकी दी है। इन सबके बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, साथ ही उन्होंने ईरान की आर्थिक और सैन्य स्थिति को बेहद कमजोर बताया।