ट्रंप का बड़ा बयान, ईरान को छोड़कर भारत और अरब देशों के साथ व्यापार बढ़ाने पर जोर.

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में एक बड़ी बैठक के दौरान India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) के प्रति अपना मजबूत समर्थन फिर से जताया। मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर GCC और अरब देशों के नेताओं के साथ हुई इस बैठक में क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा की गई। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि मध्य पूर्व के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को ईरानी चेकपॉइंट्स से दूर ले जाना अब रणनीतिक रूप से बहुत जरूरी हो गया है, क्योंकि इस क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों और शिपिंग पर लगातार खतरे मंडराते रहते हैं।
IMEC प्रोजेक्ट से बदलेगी कनेक्टिविटी
यह महत्वपूर्ण कॉरिडोर प्रोजेक्ट मूल रूप से सितंबर 2023 में नई दिल्ली में आयोजित G20 Summit के दौरान एक समझौते के तहत शुरू किया गया था। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य एशिया, अरब की खाड़ी और यूरोप के बीच आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना और व्यापार को आसान बनाना है। इस योजना में रेलवे लाइनों, बिजली ग्रिड, डिजिटल कनेक्टिविटी केबल्स और क्लीन हाइड्रोजन निर्यात के लिए पाइपलाइनों का निर्माण शामिल है। इस प्रोजेक्ट में Saudi Arabia, United Arab Emirates, India और कई यूरोपीय संघ के देश शामिल हैं, जो सभी मिलकर मौजूदा खतरनाक ट्रांजिट रूट और चौकियों के जोखिम को कम करना चाहते हैं।
कूटनीतिक बातचीत और मध्यस्थता
सार्वजनिक समर्थन के साथ-साथ कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत का दौर लगातार जारी है। अमेरिकी विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner ने हाल ही में ईरानी मध्यस्थों के साथ तीन घंटे तक एक लंबी और अहम बैठक की। इस मुलाकात को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि यह जुड़ाव काफी उत्पादक रहा है और एक संभावित समझौते की दिशा में इससे काफी तेजी मिली है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News पर जा सकते हैं। इस तरह के आयोजनों से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों के लिए भविष्य में सुरक्षा और व्यापार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद बंधती है।