डोनाल्ड ट्रंप ने मक्का गठबंधन का किया समर्थन, सऊदी अरब की सुरक्षा पर दिया जोर

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए 'मक्का गठबंधन' के तहत तुर्किये और पाकिस्तान द्वारा सैन्य बलों की तैनाती के फैसले का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया है। उन्होंने इस कदम को एक "अच्छा" और "महत्वपूर्ण पहला कदम" बताया है, जो मध्य पूर्व में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने में मददगार साबित होगा।
यह समर्थन उस समय आया है जब 5 अक्टूबर, 2026 को रियाद में गठबंधन की रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति की एक आपातकालीन बैठक हुई थी। इस बैठक में तीनों देशों ने सामूहिक रक्षा उपायों को तुरंत लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। गौरतलब है कि 7 अगस्त, 2026 को औपचारिक रूप से गठित इस गठबंधन का मुख्य सिद्धांत यह है कि किसी भी सदस्य देश पर हमला सभी देशों पर हमला माना जाएगा। इस ढांचे का मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब को बाहरी खतरों, विशेष रूप से यमन के हूती विद्रोहियों से बचाना है।
रक्षा उपायों का कार्यान्वयन और नेतृत्व
सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान अल सऊद ने पुष्टि की है कि राज्य की क्षेत्रीय अखंडता और महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों की सुरक्षा के लिए इन रक्षा उपायों को सक्रिय कर दिया गया है। रियाद शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर ने किया था।
गठबंधन ने पाकिस्तान के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल नुमान महमूद को तीन साल के कार्यकाल के लिए गठबंधन का पहला महासचिव नियुक्त किया है। यह गठबंधन सैन्य एकीकरण के मामले में नाटो (NATO) जैसी संरचना विकसित करना चाहता है। इसी कड़ी में तुर्किये सरकार ने घोषणा की है कि वह 7 अक्टूबर, 2026 के बाद इस रक्षा समझौते को अपनी संसद में मंजूरी के लिए पेश करेगी।