ट्रंप ने इजरायल की 4 अरब डॉलर की सालाना सहायता बंद करने का किया एलान

डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को मिलने वाली वार्षिक सैन्य सहायता बंद करने का फैसला किया है, जिस पर विपक्षी नेता यायर लापिड ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

Gautam Sahu4 November 20262 min read0 viewsWorld
ट्रंप ने इजरायल की 4 अरब डॉलर की सालाना सहायता बंद करने का किया एलान

यरूशलेम (इजरायल): इजरायल के विपक्षी नेता यायर लापिड ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल को दी जाने वाली वार्षिक सहायता समाप्त करने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। लापिड ने इसे देश के इतिहास की सबसे गंभीर राजनीतिक और सुरक्षा विफलताओं में से एक करार दिया है।

लापिड ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रंप का यह फैसला राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी विफलताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि यह अकल्पनीय है कि नेतन्याहू ने इसके आगे घुटने टेक दिए और इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि वह सुरक्षा तंत्र को इसके लिए तैयार करने में विफल रहे।

डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका साल के अंत तक इजरायल को दी जाने वाली लगभग 4 अरब डॉलर की वार्षिक सहायता बंद कर देगा। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने तर्क दिया कि इजरायल आर्थिक रूप से इतना मजबूत हो चुका है कि वह अपने हथियार खुद खरीद सकता है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि नेतन्याहू ने खुद सहायता समाप्त करने की संभावना उठाई थी।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इस फैसले से इजरायली विपक्षी नेताओं में देश की रक्षा तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष यायर गोलन ने भी इस कदम की निंदा की है। गोलन के मुताबिक, अमेरिकी सहायता का रुकना देश की सुरक्षा और सार्वजनिक वित्त के लिए एक गंभीर झटका है।

यायर गोलन ने कहा कि इस महत्वपूर्ण मोड़ पर सुरक्षा जरूरतों का पूरा बोझ अब इजरायली जनता पर पड़ेगा, जिससे देश के जीवन स्तर पर असर पड़ेगा। उन्होंने लगातार सैन्य अभियानों के बाद हवाई रक्षा प्रणालियों और आक्रामक हथियारों को फिर से भरने की जरूरत और रक्षा क्षमताओं पर पड़ने वाले दबाव का भी जिक्र किया।

अमेरिका दशकों से इजरायल का प्रमुख सैन्य और सुरक्षा भागीदार रहा है। साल 2016 में हस्ताक्षरित 10 साल के समझौता ज्ञापन (MOU) के तहत, वाशिंगटन ने 2028 तक इजरायल को सालाना लगभग 3.8 अरब डॉलर की सैन्य सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई थी। इस सहायता में सैन्य उपकरणों और मिसाइल रक्षा कार्यक्रमों के लिए फंडिंग शामिल है।

Share:

Comments

Leave a comment