अमेरिका और गल्फ देशों की बड़ी बैठक, ईरान युद्ध पर अगले कदम को लेकर होगी चर्चा.

वाशिंगटन डीसी में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान गल्फ सहयोग परिषद यानी GCC देशों के नेताओं और विदेश मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। इस अहम बैठक का मुख्य मकसद ईरान के साथ चल रहे युद्ध के अगले चरणों और युद्ध के बाद की रणनीतियों पर खुलकर चर्चा करना है। इस बात की जानकारी तीन सूत्रों के हवाले से Axios रिपोर्ट में दी गई है। अमेरिकी प्रशासन इस बैठक के जरिए एक ऐसा प्लान तैयार कर रहा है जिसे मध्याह्न चुनावों के बाद पूरी तरह से अंतिम रूप दिया जाएगा।
अमेरिकी विदेश विभाग ने भेजे आमंत्रण
अमेरिकी विदेश विभाग ने इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए बुधवार को ही शुरुआती आमंत्रण भेजने शुरू कर दिए थे। एक सूत्र ने यह भी बताया कि इस बैठक के दायरे को और अधिक बढ़ाया जा सकता है, जिसमें अन्य अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं को भी शामिल किया जा सकता है। इस संभावित बैठक में छह गल्फ देशों यानी Saudi Arabia, United Arab Emirates, Qatar, Bahrain, Kuwait और Oman के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को यह उम्मीद जताई थी कि वाशिंगटन अब युद्ध के अंत की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान इस मामले में समझौता करना चाहता है और इस बात की जानकारी अमेरिका को सीधे तौर पर मिली है।
गल्फ देशों को हुआ भारी नुकसान
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जिन गल्फ देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, उन्हें इस युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही तेल और प्राकृतिक गैस के निर्यात में रुकावट आने की वजह से इन देशों की अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसी बीच, इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu भी न्यूयॉर्क में राष्ट्रपति ट्रंप से मिलना चाहते हैं, हालांकि अभी तक इस तरह की किसी भी आधिकारिक मुलाकात का कार्यक्रम तय नहीं किया गया है। याद दिला दें कि ठीक एक साल पहले भी ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान आठ अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं से मुलाकात की थी और उन्हें गाजा शांति योजना का ड्राफ्ट सौंपा था।
अमेरिकी संसद में सैन्य कार्रवाई सीमित करने पर वोटिंग
दूसरी तरफ, अमेरिका की घरेलू राजनीति में भी इस युद्ध को लेकर हलचल तेज हो गई है। बीते मंगलवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों को जारी रखने की शक्ति को सीमित करने के लिए तीसरी बार मतदान किया। इस प्रस्ताव के पक्ष में सात रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया, जिसमें प्रशासन से अमेरिकी सैनिकों को सैन्य गतिविधियों से वापस बुलाने की मांग की गई। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि Seth Moulton द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव को 220-204 वोटों से पारित कर दिया गया। इस प्रस्ताव में राष्ट्रपति को यह निर्देश दिया गया है कि वे कुछ खास रक्षात्मक परिस्थितियों को छोड़कर अमेरिकी सशस्त्र बलों को ईरान के साथ चल रही शत्रुतापूर्ण गतिविधियों से तुरंत हटाएं। जून और जुलाई के महीनों में हुए पिछले दो प्रयासों की तुलना में हाउस के इस हालिया प्रयास को रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से कहीं अधिक समर्थन मिला है।