ईरान विवाद पर बोले डोनाल्ड ट्रंप, कहा- संघर्ष खत्म करने की कोई जल्दबाजी नहीं
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने में अमेरिका को कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने इसे एक असामान्य युद्ध बताया।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए वाशिंगटन किसी दबाव में नहीं है। ओवल ऑफिस में 30 और 31 अक्टूबर, 2026 को दिए गए अपने बयानों में ट्रंप ने इस स्थिति को एक अनोखा मामला बताया और कहा कि यह कोई सामान्य युद्ध नहीं है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि समय अमेरिका के पक्ष में है। उन्होंने इसके पीछे ईरान की आंतरिक आर्थिक मुश्किलों का हवाला दिया और बताया कि तेहरान अपने सैनिकों और पुलिसकर्मियों को वेतन देने के लिए संघर्ष कर रहा है। हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया कि विवाद जल्द सुलझ सकता है, लेकिन उन्होंने शर्त रखी कि किसी भी अंतिम समझौते के लिए इस बात की पूरी गारंटी चाहिए कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।
दूसरी तरफ, कूटनीतिक मोर्चे पर स्थिति जटिल बनी हुई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 30 अक्टूबर को कहा कि तेहरान हालिया प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है और वह कूटनीति का ही समर्थन करता है। इसके विपरीत, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कतरी मध्यस्थों द्वारा पेश किए गए नए ड्राफ्ट समझौते को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया।
दोनों देशों के बीच मतभेद गहरे हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान पहले परमाणु क्षेत्र में रियायतें दे, जबकि तेहरान की मांग है कि प्रतिबंध हटाए जाएं, नौसैनिक नाकेबंदी खत्म हो और उसकी जमी हुई संपत्तियों तक उसकी पहुंच हो।
समुद्र में भी तनाव बढ़ा है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रिपोर्ट किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चार टैंकर नौसैनिक माइन्स की चपेट में आए हैं। इस घटना पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के सभी मानवरहित सतह जहाज सुरक्षित हैं।
ट्रंप ने टेक्सास की एक रैली में यह दावा किया था कि अमेरिका ने इस संघर्ष की शुरुआत नहीं की। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को चिकित्सा आपूर्ति के संबंध में संपर्क करने का अधिकार दिया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रजाई के साथ व्यापक बातचीत का कोई ढांचा शामिल है या नहीं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, सऊदी और तुर्की के अधिकारियों के नेतृत्व में मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं। जहां इन प्रयासों में सावधानीपूर्वक उम्मीद जताई जा रही है, वहीं विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा अनिश्चितता ईरान के लिए बड़े आर्थिक जोखिम पैदा कर रही है।