ट्रंप बोले- ईरान पर हमले की जल्दी नहीं, पहले बातचीत से निकालेंगे रास्ता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अब पहले से कहीं ज्यादा समझौता चाहता है। कतर की मध्यस्थता में बातचीत जारी है।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने की कोई जल्दबाजी में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका के पास सैन्य और गैर-सैन्य दोनों विकल्प मौजूद हैं, लेकिन फिलहाल वह कूटनीतिक रास्तों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
Axios से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान अब समझौते की इच्छा पहले से कहीं ज्यादा रख रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
ट्रंप के मुताबिक, उनके प्रशासन ने ईरान को आर्थिक रूप से पूरी तरह कमजोर कर दिया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ईरान के पास पर्याप्त फंड और ईंधन की कमी है, जिसे बातचीत के दौरान दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
परमाणु हथियारों के मुद्दे पर राष्ट्रपति ने दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने उन रिपोर्टों का हवाला दिया जिनमें ईरानी अधिकारियों ने हाल ही में स्वीकार किया है कि वे परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे।
राष्ट्रपति ने वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आई गिरावट को इस बात से जोड़ा कि बाजार को अब इस बात का भरोसा है कि ईरान के साथ संघर्ष टल जाएगा।
इस कूटनीतिक प्रयास का समर्थन करते हुए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि प्रशासन समझौते की संभावना को लेकर अच्छा महसूस कर रहा है, हालांकि उन्होंने आगाह किया कि स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी शनिवार को इसी बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप राजनयिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। कतरी मध्यस्थ अली अल-थवादि सोमवार को तेहरान पहुंचे। वहां उन्होंने एक मसौदा समझौते पर चर्चा की, जिसमें सीधी बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तीन दिनों के 'विश्वास बहाली उपायों' की योजना शामिल है।
ये सभी घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब अमेरिका में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं।