ट्रंप का दावा: ईरान युद्ध खत्म करने को समझौता चाहता है, डील 'हो सकती है
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए समझौता चाहता है। जानें क्या हैं ईरान की शर्तें और ट्रंप का रुख।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को संकेत दिया है कि ईरान मौजूदा युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौते की तलाश में है। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच एक समझौता 'हो सकता है'।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव चक्र का समापन हो रहा है और 3 नवंबर, 2026 को मतदान समाप्त होने वाले हैं। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन उन्होंने तेहरान के साथ चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत की वर्तमान स्थिति के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
बता दें कि 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद इस संघर्ष की शुरुआत हुई थी। फिलहाल इस बंद कमरे में चल रही बातचीत में कतर और पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। राष्ट्रपति के बयानों के बावजूद अभी तक किसी औपचारिक समझौते पर मुहर नहीं लगी है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा कि अब 'गेंद अमेरिका के पाले में है'। उन्होंने बताया कि तेहरान ने एक योजना प्रस्तावित की है, जिसमें समझौते के कार्यान्वयन की अवधि को घटाकर दो दिन करने की बात कही गई है, लेकिन यह अमेरिका द्वारा विशिष्ट मांगों को पूरा करने पर निर्भर करता है।
ईरान ने समझौते के लिए अपनी शर्तें रखी हैं, जिनमें उसके बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाना, जमी हुई वित्तीय संपत्तियों को वापस करना और प्रतिबंधों को खत्म करना शामिल है। साथ ही ईरान ने गाजा और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर स्थायी रूप से शत्रुता समाप्त करने और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने की मांग की है।
बदले में तेहरान ने संकेत दिया है कि वह वाणिज्यिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और अपने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए तैयार है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप का यह रुख स्पष्ट है कि किसी भी स्थायी समझौते के लिए यह गैर-परक्राम्य शर्त होगी कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
क्षेत्र में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य हमलों को फिर से शुरू करने का दबाव बनाया है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने मौजूदा अप्रत्यक्ष बातचीत को जारी रखने की प्राथमिकता जताई है।
पिछले सप्ताहांत में राष्ट्रपति ट्रंप ने टिप्पणी की थी कि इस संघर्ष को 'जल्द ही किसी न किसी तरह खत्म कर दिया जाएगा'। उन्होंने कहा कि या तो समझौता हो जाएगा या फिर अमेरिका 'काम पूरा करेगा' (finish the job)।