डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की महंगाई का मजाक उड़ाया और सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए जबकि पेज़ेशकियन ने अमेरिका को कायर बताया
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की महंगाई का मजाक उड़ाते हुए सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए, वहीं राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने अमेरिका को कायर बताया।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर संकेत दिए हैं। शनिवार 24 अक्टूबर 2026 को एक रिपोर्टर द्वारा हमलों की योजना के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने तंज कसते हुए सवाल को बेवकूफी भरा बताया। उन्होंने कहा कि क्या आपको वाकई लगता है कि मैं आपको यह बताऊंगा, हम इसके बारे में सोच रहे हैं और शायद कल ऐसा कर दें।
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका फिलहाल दो रास्तों पर विचार कर रहा है। एक तरफ सैन्य हमले जारी रखना है और दूसरी तरफ एक बड़ा और खूबसूरत समझौता करना है। उन्होंने ईरान की घरेलू आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां महंगाई दर 301 प्रतिशत तक पहुंच गई है और ईरान महंगाई के मामले में रिकॉर्ड बना रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक अब फैसला ईरान के हाथ में है कि वह समझौता करना चाहता है या नहीं। इससे पहले 23 अक्टूबर को तुर्की में अमेरिकी राजदूत टॉम बैराक ने संकेत दिया था कि हमले सप्ताहांत तक फिर से शुरू हो सकते हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज़ ने उम्मीद जताई कि बातचीत फिर से शुरू हो सकती है, हालांकि उन्होंने एक साल तक चलने वाले संघर्ष की संभावना से इनकार नहीं किया।
दूसरी तरफ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका पर शांति वार्ता में बाधा डालने का आरोप लगाया है। 24 अक्टूबर को सरकारी टेलीविजन पर दिए एक बयान में उन्होंने अमेरिकियों को कायर कहा और आरोप लगाया कि उन्होंने सब कुछ बिगाड़ दिया है।
पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान को अब युद्ध और शांति के बीच की स्थिति से बाहर निकलना होगा। उन्होंने बताया कि उन्हें सुप्रीम लीडर की तरफ से समझौते को पूरा करने के निर्देश मिले हैं। इसी बीच ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी जहाजों को किसी भी कीमत पर फारस की खाड़ी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस पूरे विवाद पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मौजूदा प्रशासन के रुख की आलोचना करते हुए इसे एक अनावश्यक युद्ध करार दिया है।