ईरान पर हमले की आशंका कम, ट्रंप बोले- मजबूत परमाणु समझौते पर करनी होगी बात
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रगति होने पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई न करने के संकेत दिए हैं।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले होने की संभावना बहुत कम है। हालांकि, उन्होंने यह बात परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से जुड़ी बातचीत में सार्थक प्रगति होने की शर्त पर कही है।
सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि सैन्य तनाव को टालने के लिए ईरान को एक "मजबूत" समझौते पर सहमत होना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपनी सैन्य तैयारी बनाए हुए है।
ट्रंप ने खुलासा किया कि अमेरिका ने ईरान के 38 बिजली संयंत्रों और पुलों की पहचान की है। अगर भविष्य में जरूरत पड़ी, तो इन्हें संभावित लक्ष्यों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस बीच कतर मध्यस्थता की कोशिशें कर रहा है और राजनयिक स्थिति अब भी अस्थिर बनी हुई है। खबरों के मुताबिक, तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े उन प्रस्तावों पर विचार कर रहा है, जिन्हें पहले खारिज कर दिया गया था।
दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे, कर्मियों, उपकरणों और सुविधाओं से जुड़ी सटीक जानकारी देने वाले को 20 मिलियन डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है।
क्षेत्रीय तनाव अब भी बरकरार है। जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को परेशान किया जा रहा है। पिछले 72 घंटों में दो हमले हुए हैं, जिसमें 5 नवंबर को एक टैंकर पर प्रोजेक्टाइल हमला शामिल है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने पुष्टि की है कि उन्होंने रियाद की ओर दागे गए हूती बलों के बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया। वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के नए 'टास्क फोर्स आयरन गेट' को खारिज कर दिया है, जिसे ईरानी हितों से जुड़े जमीनी व्यापार मार्गों को बाधित करने के लिए बनाया गया है।