यूएन में डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम, खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की बढ़ी चिंता।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को एक बड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने ईरान के सामने यह साफ विकल्प रखा है कि या तो वह शांति समझौते में शामिल हो जाए जिससे पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है, या फिर पूरी तरह से बर्बादी के लिए तैयार रहे। इस बीच पिछले 24 घंटों के दौरान ट्रंप के दूतों Steve Witkoff और Jared Kushner ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के साथ तीन घंटे तक गुप्त बैठक की, जिसे अमेरिकी पक्ष की तरफ से सकारात्मक बताया गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य कामगारों के बीच इस तनाव को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है और लोग हर ताजा अपडेट पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।
खाड़ी देशों में सुरक्षा और कूटनीतिक हलचल
यह कूटनीतिक हलचल ऐसे समय में देखने को मिल रही है जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच पिछले सात महीने से संघर्ष चल रहा है। इस तनाव की वजह से UAE, Oman, Bahrain, Qatar, Saudi Arabia और Yemen जैसे देश सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। UAE के राष्ट्रपति सलाहकार Anwar Gargash ने यह बात साफ कही है कि यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि केवल वाशिंगटन और तेहरान के चैनलों पर निर्भर रहने के बजाय ईरानी-अरब सुरक्षा पर सीधी बातचीत होनी चाहिए। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासी इस स्थिति को लेकर काफी सतर्क हैं और अपने काम तथा सुरक्षित माहौल को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
यमन मोर्चे पर तनाव और तेल आपूर्ति पर असर
यमन की तरफ से तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के द्वीपों पर कब्जा करने के बाद रियाद की तरफ मिसाइलें दागी हैं। सऊदी अरब की एयर डिफेंस प्रणाली ने इन सभी हमलों को हवा में ही रोक दिया, हालांकि क्षेत्रीय तेल बुनियादी ढांचे पर खतरा अभी भी बना हुआ है। हालांकि ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ने अपना काम फिर से शुरू कर दिया है, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz अभी भी लगभग बंद जैसी स्थिति में है। इन हालात के चलते कई एयरलाइंस ने ईरान के लिए अपनी उड़ानों को रद्द करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा गल्फ रीजन में रहने वाले प्रवासी और नौकरीपेशा लोग फ्यूल के दामों, बीमा दरों और किसी भी आपातकालीन स्थिति में निकासी की प्रक्रियाओं पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
क्षेत्रीय कूटनीति और बाजार की स्थिति
क्षेत्रीय स्तर पर शांति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। अबूझबी के क्राउन प्रिंस Sheikh Khaled ने हाल ही में ब्रिक्स समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति Pezeshkian से मुलाकात की थी। दूसरी तरफ बहरीन ने तब तक ईरान के साथ संबंध सामान्य करने से साफ इनकार कर दिया है जब तक कि पुराने रिश्ते पूरी तरह बहाल नहीं हो जाते। वहीं सऊदी अरब अमेरिका के साथ 10 अरब डॉलर के एनर्जी रूट फंड को लेकर बातचीत कर रहा है। ईरान के सशस्त्र बलों ने Donald Trump के संयुक्त राष्ट्र वाले भाषण को महज एक प्रोपेगैंडा करार दिया है और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोझ को फिर से खोलने के लिए अमेरिका से नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, फ्रीज किए गए फंड को जारी करने और युद्ध बंद करने जैसी शर्तें रखी हैं। बाजार में लगातार उठापटक बनी हुई है और वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड के दाम इस क्षेत्रीय अस्थिरता के प्रति बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासी इस समय संयुक्त राष्ट्र स्तर पर होने वाली वार्ताओं और हूती सैन्य गतिविधियों के परिणामों का इंतजार कर रहे हैं। इस पूरी रिपोर्ट में AP, Reuters, Al-Monitor, BBC, NYT और आधिकारिक खाड़ी राज्य के स्रोतों से मिली जानकारी को शामिल किया गया है।