ट्रंप बोले- ईरान से यह कोई सामान्य युद्ध नहीं, खामेनेई ने दिया 'बिना किसी सीमा' के जवाब देने का आदेश
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संघर्ष को अलग बताया, वहीं खामेनेई ने किसी भी हमले पर बिना किसी भौगोलिक सीमा के जवाब देने का आदेश दिया है।

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे मौजूदा तनाव को एक सामान्य युद्ध से अलग बताया है। ट्रंप का कहना है कि वॉशिंगटन इस विवाद को जल्द खत्म करने के किसी दबाव में नहीं है।
एएनआई के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि समय अमेरिका के पक्ष में है। उन्होंने ईरान के अंदरूनी हालात का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की सरकार अपने सैन्य और पुलिस कर्मियों को वेतन देने के लिए संघर्ष कर रही है।
दूसरी तरफ, ईरान के सर्वोच्च नेता मो जतबा खामेनेई ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडरों को निर्देश दिया है कि किसी भी खतरे का सामना 'तत्काल, प्रभावी और बिना किसी भौगोलिक सीमा' के जवाब देकर किया जाए।
खामेनेई ने स्पष्ट किया कि अगर ईरान पर सैन्य या आतंकवादी हमले जारी रहते हैं, तो ईरानी सेना और वहां की जनता ही तय करेगी कि इन ऑपरेशनों को कब और किन शर्तों पर खत्म किया जाना है।
सैन्य तनाव के बीच कतर के मध्यस्थ व्हाइट हाउस के साथ बातचीत की कोशिशें कर रहे हैं। एक शुरुआती ड्राफ्ट फ्रेमवर्क में सुझाव दिया गया है कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन के स्तर को कम करे या अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को किसी तीसरे देश को सौंप दे।
इस प्रस्ताव के तहत, शुरुआती समझौते के सात दिनों के भीतर समुद्री यातायात के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बात कही गई है। हालांकि, रियायतों के क्रम को लेकर दोनों देशों में मतभेद बने हुए हैं।
अमेरिका की मांग है कि ईरान पहले अपनी परमाणु नीति में बदलाव करे। वहीं, ईरान का जोर इस बात पर है कि पहले तेल प्रतिबंध हटाए जाएं, जमी हुई वित्तीय संपत्तियां वापस की जाएं और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म की जाए।
क्षेत्र में तनाव तब और बढ़ गया जब होर्मुज जलडमरूमध्य में मछली पकड़ने वाली नावों पर ड्रोन हमलों की खबरें आईं, जिसमें कुछ मछुआरे घायल हो गए हैं।