ईरान पर सैन्य कार्रवाई की संभावना बरकरार है और अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है: डोनाल्ड ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा किया है।

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ आगे भी सैन्य अभियान चलाए जा सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है और अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण है।
राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक अमेरिका ने अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल कर लिया है और अब वह तय करने की स्थिति में है कि आगे क्या कदम उठाए जाएं। उन्होंने ईरान में बढ़ती महंगाई का भी जिक्र किया।
इससे पहले 22 अक्टूबर 2026 को ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका फिलहाल तेहरान के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि जल्द ही कुछ नए घटनाक्रम सामने आएंगे।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि यह संघर्ष एक साल और खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को खत्म करने और घरेलू संवर्धन पर औपचारिक समझौते जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्य अभी पूरे नहीं हुए हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी को 100 दिन हो गए हैं। इस नाकाबंदी की वजह से ईरान कम से कम 25 अरब डॉलर मूल्य के कच्चे तेल का निर्यात नहीं कर पाया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायली सेनाओं ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद फिर से भीषण हमले करने की योजना तैयार की है। ईरानी खुफिया आकलन के मुताबिक, मंगलवार को होने वाले इजरायली चुनावों से पहले अमेरिका और इजरायल द्वारा बड़े पैमाने पर बमबारी किए जाने की प्रबल संभावना है।
उधर, IRGC नेवी ने 23 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो जारी किया है। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में प्रतिबंधित रास्ते पर दो बड़े तेल टैंकरों के समुद्री सुरंगों से टकराने के दृश्य दिखाए गए हैं।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और रक्षा मंत्री मेहरदाद अखलाघी ने अमेरिकी धमकियों का जवाब देते हुए सैन्य तैयारी और जवाबी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
क्षेत्रीय स्तर पर कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। तुर्की फिलहाल सात देशों के विदेश मंत्रियों की मेजबानी कर रहा है, जहां ईरान-अमेरिका संघर्ष, होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडब की सुरक्षा, यमन के हालात और इजरायल-फिलिस्तीन विवाद पर चर्चा हो रही है।
सऊदी अरामको के अध्यक्ष अमीन नासिर ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को छोड़कर पाइपलाइन के जरिए तेल परिवहन तीन गुना बढ़ गया है, जो अब रोजाना 20 लाख से बढ़कर 70 लाख बैरल हो गया है।