ईरान पर सैन्य कार्रवाई की तैयारी में ट्रंप, बोले- हम पूरी तरह तैयार हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर बात की है। जानें मिडटर्म चुनाव के बाद क्या है अमेरिका की रणनीति।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ट्रंप ने कहा कि वह और उनकी सेना किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं, हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि फिलहाल सैन्य कार्रवाई की कोई खास जरूरत नहीं दिख रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मामले पर बात करते हुए कहा, "मैं तैयार हूं, हम तैयार हैं। अगर हमें जाना पड़ा तो हम पूरी तरह लैस और तैयार हैं, लेकिन ऐसा करने का कोई कारण नहीं हो सकता है।"
यह तनाव 2 और 3 नवंबर के बीच हुए हमलों के बाद बढ़ा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के क़ेशम द्वीप पर सीमित और रक्षात्मक हमले किए थे। यह कार्रवाई तब की गई जब ईरानी सेना ने एक अमेरिकी विमान पर फायरिंग की थी।
दूसरी तरफ, तेहरान ने इसके जवाब में 'मैक्सिमम डिटरेंस' (अधिकतम निवारण) योजना को सक्रिय कर दिया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि वे इसका करारा जवाब देंगे। ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली संपत्तियों सहित नए सैन्य लक्ष्यों की पहचान भी की है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य इस समय तनाव का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जहां अमेरिकी नौसेना ने ईरानी तेल टैंकरों की नाकाबंदी कर रखी है। इसके बावजूद कतर, पाकिस्तान और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के साथी देश बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान ने परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने के संकेत दिए हैं और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए कुछ शर्तों के साथ दो दिवसीय योजना का प्रस्ताव रखा है।
अमेरिकी प्रशासन मिडटर्म चुनावों से पहले किसी बड़े सैन्य टकराव से बचना चाहता था ताकि आर्थिक अस्थिरता न हो। 4 नवंबर को चुनाव परिणामों की गिनती जारी है और प्रशासन सैन्य दबाव के साथ-साथ राजनयिक प्रयासों को भी जारी रखे हुए है। इस बीच यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) की रिपोर्टों के जरिए क्षेत्रीय समुद्री घटनाओं पर नजर रखी जा रही है।