ईरान पर सैन्य विकल्पों को लेकर ट्रंप और नेतन्याहू की बातचीत, तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर बात की, जबकि मार्को रुबियो ने राजनयिक समाधान की प्राथमिकता बताई।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार, 31 अक्टूबर को फोन पर बातचीत की। इस चर्चा के दौरान ईरान के संबंध में संभावित सैन्य विकल्पों पर विचार किया गया, क्योंकि वॉशिंगटन अपनी रणनीतिक स्थिति का मूल्यांकन कर रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को पुष्टि की कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक ईरान के खिलाफ आगे के सैन्य हमलों को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका के पास सैन्य कार्रवाई की क्षमता है, लेकिन प्रशासन की वर्तमान प्राथमिकता राजनयिक समाधान निकालना है।
विदेश मंत्री के मुताबिक, दोनों देशों के बीच राजनयिक रास्ते खुले हुए हैं। इसमें सीधे संपर्क के साथ-साथ मध्यस्थों के जरिए भी बातचीत की जा रही है।
यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के रुख में बदलाव आया है। तेहरान ने भी इस बदलाव को स्वीकार किया है, जो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा औपचारिक बातचीत का प्रस्ताव देने वाले एक पत्र के बाद हुआ है।
दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका या इजरायल द्वारा किए गए किसी भी सैन्य हमले का जवाब मजबूती से दिया जाएगा।
यह पूरा घटनाक्रम 3 नवंबर, 2026 को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से ठीक कुछ दिन पहले हो रहा है। सैन्य विश्लेषकों और जानकारों का मानना है कि यदि किसी कार्रवाई को मंजूरी मिलती भी है, तो उसे संभवतः चुनाव खत्म होने तक के लिए टाल दिया जाएगा।
अमेरिकी प्रशासन की मुख्य चिंताएं क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे को ईरान की तरफ से मिल रही धमकियां और वाणिज्यिक शिपिंग को निशाना बनाना हैं। इन मुद्दों को लेकर दोहा सहित अन्य शहरों में राजनयिक प्रयास जारी हैं।