Trump ने की PM Modi की तारीफ, अफीम उत्पादन रोकने के कदमों को सराहा.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रशासन की खुलकर सराहना की है। उन्होंने देश में अवैध अफीम के उत्पादन और खेती को रोकने के लिए उठाए गए कड़े कदमों की तारीफ की है। अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी सामने आई है कि अमेरिका भारत के साथ मिलकर इस दिशा में काम करना जारी रखेगा। हालांकि इस प्रशंसा के बाद भी भारत का नाम अमेरिका की उन देशों की सूची में शामिल है जिन्हें अवैध नशीली दवाओं के पारगमन या उत्पादन का मुख्य केंद्र माना जाता है।
यूएस-इंडिया ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क पर जोर
अमेरिकी प्रशासन की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि वाशिंगटन आने वाले समय में भी भारत के साथ सहयोग जारी रखना चाहता है। यह सहयोग मुख्य रूप से United States-India Drug Policy Framework के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी देश का इस आधिकारिक सूची में शामिल होना वहां की सरकार की नाकामी को नहीं दर्शाता है। भौगोलिक स्थिति, आर्थिक और व्यावसायिक कारणों से कई देश प्राकृतिक रूप से पारगमन गलियारे बन जाते हैं, जिसका स्थानीय प्रशासन की सख्ती से कोई लेना-देना नहीं होता है। भारत के अलावा इस सूची में Afghanistan, Pakistan, China, Mexico, Colombia और Venezuela जैसे करीब बीस से ज्यादा देश शामिल हैं।
अमेरिका में ड्रग कार्टेल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने देश की घरेलू सुरक्षा और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ उठाए गए कदमों पर भी रोशनी डाली। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ सालों में ओपन-बॉर्डर की स्थिति के कारण जो परेशानियां आ रही थीं, उनमें सुधार हुआ है। दक्षिणी अमेरिकी सीमा पर ड्रग्स की आवाजाही और घुसपैठ में भारी कमी दर्ज की गई है। अमेरिकी एजेंसियों की कड़ी निगरानी के चलते नशीली दवाओं के ओवरडोज से होने वाली मौतों के आंकड़ों में भी खासी गिरावट आई है, जिससे हजारों अमेरिकी नागरिकों की जान बचाई जा सकने में मदद मिली है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त कार्रवाई का दावा
अमेरिकी नेतृत्व ने साफ किया कि उनके देश की सेना और कानून लागू करने वाली एजेंसियां नार्को-टेररिस्ट नेटवर्क के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों की मदद से बड़े ड्रग माफिया और कार्टेल सरगनाओं के प्रत्यर्पण के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। अमेरिका का मानना है कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार शिकंजा कसा जा रहा है और आने वाले दिनों में इस अभियान को और ज्यादा तेज किया जाएगा ताकि अवैध तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।