डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान से जुड़े सैन्य अभियान बहुत जल्द खत्म होंगे जबकि क्षेत्र में तनाव अब भी बना हुआ है

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 अक्टूबर 2026 को घोषणा की है कि ईरान से संबंधित सैन्य अभियान बहुत जल्द समाप्त हो जाएंगे। ट्रंप ने संकेत दिया कि तेहरान अमेरिकी और इजरायली सैन्य गतिविधियों को रोकने के लिए बातचीत करना चाहता है और वह अब झुकने के लिए तैयार है।
हालांकि, ट्रंप के इस बयान से पहले उन्होंने एक अलग नजरिया पेश किया था। उन्होंने पहले दावा किया था कि यह संघर्ष एक से दो साल तक चल सकता है और उस समय उन्होंने किसी भी सक्रिय बातचीत से इनकार किया था। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायु सेना और थल सेना समेत उसकी सैन्य क्षमताएं पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं।
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि अमेरिकी बलों ने कम से कम 25 अरब डॉलर के कच्चे तेल के निर्यात को रोका है। इसके साथ ही लगभग 350 मिलियन डॉलर की डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी संपत्ति को भी फ्रीज किया गया है। सेंटकॉम की वर्तमान रणनीति समुद्री व्यापार को रोकने, डिजिटल वित्तीय नेटवर्क को बाधित करने और ईरानी सरकार की सुरक्षाकर्मियों को भुगतान करने की क्षमता को सीमित करने पर केंद्रित है।
वर्तमान में मिडिल ईस्ट में 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैन्य कर्मी तैनात हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग ट्रैफिक संघर्ष से पहले के स्तर से 70 प्रतिशत नीचे है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) एजेंसी ने पिछले एक हफ्ते में 12 जहाजों पर हमलों की बात दर्ज की है।
ईरानी बलों ने जानकारी दी कि एक ऑयल सुपरटैंकर ने समुद्री माइन से टकराने के बाद उसमें आग लग गई। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस जहाज को 'रोग' करार दिया। ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमनिया ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तभी खुलेगा जब अमेरिका इस क्षेत्र से बाहर निकल जाएगा। वहीं, डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतिबजादेह ने कहा कि तेहरान संतुलित बातचीत के लिए तैयार है।
ईरान ने हूती हमलों में अपनी संलिप्तता के सऊदी आरोपों को खारिज कर दिया है और दावा किया है कि युद्ध की शुरुआत के बाद से उसकी हवाई रक्षा क्षमता बढ़ी है। दूसरी तरफ, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक इराकी बैंक पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिस पर ईरान को डॉलर भेजने का आरोप है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026' के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कानून के तहत उन देशों के सामानों पर टैरिफ और ड्यूटी बढ़ाई जाएगी जो रूसी तेल और गैस का आयात कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने संघर्ष खत्म करने की अपील की है और बताया कि यूरोप को इसकी आर्थिक लागत 100 अरब यूरो से अधिक हो चुकी है।