सऊदी अरब पर बड़ा हमला, रियाद में स्कूल बंद और ट्रंप ने ठुकराया ईरान का प्रस्ताव।

Aanya27 September 20262 min read29 viewsSaudi
सऊदी अरब पर बड़ा हमला, रियाद में स्कूल बंद और ट्रंप ने ठुकराया ईरान का प्रस्ताव।

खाड़ी देशों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे आम जनता और वहां रहने वाले प्रवासियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शनिवार को व्हाइट हाउस के बाहर बयान देते हुए ईरान के उस सात-दिवसीय प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया जिसमें स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को फिर से खोलने और सात महीने से चल रहे युद्ध को रोकने की बात कही गई थी। ईरान ने यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में कतर के मध्यस्थों के जरिए भेजा था। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi का कहना था कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा ले, रुकी हुई संपत्ति को छोड़ दे और तेल निर्यात छूट को बहाल कर दे तो इस जलमार्ग को फिर से खोला जा सकता है। इसके अलावा, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने दावा किया था कि इस योजना को देश के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei की मंजूरी मिल चुकी थी।

सऊदी अरब में स्कूल बंद और उड़ानों पर असर

दूसरी तरफ, इस संघर्ष का असर सीधे तौर पर सऊदी अरब के आम जनजीवन पर पड़ रहा है। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद क्षेत्र को निशाना बनाकर दागे गए दो हूथी ड्रोनों और खमीस मुशैत की तरफ आ रही बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। इस हमले के बाद एहतियात के तौर पर सऊदी राजधानी में एक हफ्ते के लिए सभी इन-पर्सन कक्षाओं को रद्द कर दिया गया। अब सभी छात्र और शिक्षक मदरसाती प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी पढ़ाई और काम ऑनलाइन जारी रखेंगे। जीसीसी के महासचिव Jasem Albudaiwi ने इस हमले को बेहद गंभीर स्थिति बताया है। साथ ही, सऊदी के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने वैश्विक ऊर्जा मार्गों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर गहरी नाराजगी जताई है।

इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी IRGC की नौसेना ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने नया युद्ध शुरू किया तो हिंद महासागर समेत कई जगहों पर अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाया जाएगा। इस खतरनाक माहौल को शांत करने के लिए ओमान लगातार संयम बरतने की अपील कर रहा है और कतर अपनी कूटनीतिक कोशिशों में जुटा है। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यूएई ने ईरान की सभी उड़ानों को अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया है। तेल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इसके अलावा दुबई, अबू धाबी, दोहा, मनामा, मस्कट और रियाद जैसे बड़े क्षेत्रीय हबों में भी लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत से खाड़ी देशों में काम करने जाने वाले कामगारों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी यह समय काफी चिंताजनक बना हुआ है, क्योंकि फरवरी के अंत से शुरू हुआ यह युद्ध अभी भी बिना किसी ठोस समाधान के जारी है और तेहरान अब अमेरिका की तरफ से किसी औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।

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