अमेरिका ने ठुकराया ईरान का शांति प्रस्ताव, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा परमाणु हथियार नहीं बना सकता ईरान

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की तरफ से आए शांति प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। यह बड़ी घटना 26 सितंबर 2026 को उस समय सामने आई जब राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस के बाहर मीडिया से बात कर रहे थे और टेनेसी के लिए रवाना हो रहे थे। उन्होंने पत्रकारों के सामने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें प्रस्ताव मिला था लेकिन उन्होंने उसे नामंजूर कर दिया है। इसी दिन उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कड़ा रुख अपनाते ہوئے पोस्ट किया कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता है।
कतर के माध्यम से भेजा गया था सात दिन का प्लान
ईरान की ओर से यह प्रस्ताव कतर के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया था। इस योजना के बारे में 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पूरी जानकारी दी थी। इस ठोस सात दिवसीय योजना में सात दिन का संघर्षविराम, होर्मुज जलडममध्य को फिर से खोलना, अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को हटाना, ईरान की रुकी हुई संपत्तियों को बहाल करना और ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को नरम करना शामिल था। इसके बदले में ईरान ने परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने और देश में संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निरीक्षकों को अनुमति देने की पेशकश की थी।
ईरान के राष्ट्रपति ने की थी कूटनीति की बात
इस घटनाक्रम से कुछ दिन पहले 24 सितंबर 2026 को ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था। अपने संबोधन में उन्होंने ताकत की भाषा को स्वीकार किए बिना बातचीत और कूटनीति के जरिए मामले को सुलझाने की बात कही थी। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने पहले मध्यस्थता की इन चर्चाओं को सकारात्मक बताया था, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप को अभी भी इस बात का संदेह है कि ईरान उनकी शर्तों को पूरी तरह मानेगा।
व्हाइट हाउस की तरफ से इस प्रस्ताव को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप के टेनेसी दौरे के कारण नॉक्सविल शहर में सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर कुछ प्रशासनिक बदलाव भी देखने को मिले हैं। अमेरिका के इस सख्त रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।