मिडटर्म में हार के बाद ट्रंप बोले, ईरान पर हमला सही था, दोबारा भी करता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया कि ईरान युद्ध और पेट्रोल की कीमतों के कारण रिपब्लिकन पार्टी को मिडटर्म चुनाव में भारी नुकसान हुआ।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध और उसके बाद पेट्रोल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी की वजह से 3 नवंबर 2026 के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव परिणामों के बाद यह बात सामने आई है कि डेमोक्रेट्स ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है।
चुनावी झटके के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सैन्य अभियान का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए यह सैन्य कार्रवाई जरूरी थी। ट्रंप ने अपने फैसले पर जोर देते हुए कहा, "मैंने सही काम किया और मैं इसे दोबारा भी करता।"
दूसरी ओर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इन चुनाव परिणामों को संघर्ष के कारण हुई एक "तबाही" (wipeout) करार दिया है। हालांकि, चुनावी नतीजों के बाद भी राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ को बर्खास्त करने की कोई योजना नहीं है।
यह संघर्ष फरवरी 2026 में तेज हुआ था, जिसके बाद अमेरिका के नेतृत्व में ईरान की सैन्य और परमाणु सुविधाओं पर हमले किए गए। इसके साथ ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकाबंदी भी लागू की गई, जहां वाणिज्यिक जहाजों पर हमले जारी हैं।
वॉशिंगटन में हुए इस राजनीतिक बदलाव पर ईरानी अधिकारियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागर गालिबाफ ने संकेत दिया कि मिडटर्म चुनाव के नतीजे युद्ध के खिलाफ जनता की अस्वीकृति को दर्शाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे की "आक्रामकता" एक व्यापक संघर्ष का कारण बन सकती है।
वहीं, सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने इस विचार को खारिज कर दिया कि चुनाव परिणामों से तेहरान के प्रति अमेरिका के शत्रुतापूर्ण रवैये में कोई बुनियादी बदलाव आएगा।